Narottam Mishra: दतिया विधानसभा उपचुनाव में टिकट कटने के बाद भड़की बगावत के बीच पूर्व गृह मंत्री और भाजपा के दिग्गज नेता नरोत्तम मिश्रा का बड़ा बयान सामने आया है। दतिया और डबरा में हजारों कार्यकर्ताओं के सड़कों पर उतरने और पूरे संगठन के सामूहिक इस्तीफे के बीच डॉ. मिश्रा अचानक राजधानी भोपाल पहुंचे। भोपाल पहुंचते ही उन्होंने तमाम कयासों और बगावती अटकलों पर विराम लगाते हुए साफ कर दिया कि वे भारतीय जनता पार्टी के आधिकारिक फैसले के साथ मजबूती से खड़े हैं।
मैं दुखी नहीं हूं : नरोत्तम मिश्रा
दतिया के घटनाक्रम और कार्यकर्ताओं के भारी आक्रोश पर मीडिया से बात करते हुए नरोत्तम मिश्रा ने बेहद सधे हुए अंदाज में डैमेज कंट्रोल की कमान संभाली। उन्होंने कहा कि मैं पार्टी के निर्णय से कतई दुखी नहीं हूं। भारतीय जनता पार्टी में संगठन ही सर्वोपरि है। हम पार्टी के हर आदेश का पालन करेंगे और मैं खुद दतिया उपचुनाव में भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के पक्ष में पूरी ताकत से चुनाव प्रचार करूंगा।
कार्यकर्ता हैं, सब मान जाएंगे
जब उनसे दतिया में बीजेपी कार्यकर्ताओं के सामूहिक इस्तीफे और चक्काजाम को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं में उनके प्रति स्नेह है, इसलिए ऐसा आक्रोश दिखा। डॉ. मिश्रा ने अपने सभी समर्थकों और नाराज पदाधिकारियों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वे पार्टी के फैसले को सहर्ष स्वीकार करें। उन्होंने भरोसा जताते हुए कहा, वे सभी हमारे निष्ठावान कार्यकर्ता हैं, थोड़ा समय लगेगा लेकिन सब मान जाएंगे। उन्होंने यह भी जोड़ा कि यदि स्थानीय स्तर पर कार्यकर्ताओं का कोई विषय या चिंता है, तो उसे वे पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व के सामने उचित फोरम पर बैठकर रखेंगे।
नामांकन फॉर्म लेने की बात स्वीकारी
इंटरव्यू के दौरान जब नरोत्तम मिश्रा से पूछा गया कि क्या उन्होंने उपचुनाव के लिए नामांकन पत्र खरीदा था? तो उन्होंने बेहद बेबाकी से जवाब देते हुए कहा, हां, मैंने नामांकन फॉर्म लिया था। हालांकि, अब उनके इस ताजा बयान के बाद यह साफ हो गया है कि वे निर्दलीय या किसी अन्य दल से मैदान में नहीं उतरेंगे, बल्कि भाजपा प्रत्याशी को जिताने के लिए काम करेंगे।









