मध्य प्रदेश के दतिया उपचुनाव की राजनीतिक हलचल के बीच सोमवार को भाजपा की नामांकन रैली में एक ऐसा दृश्य देखने को मिला जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया. भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व गृहमंत्री नरोत्तम मिश्रा मंच पर अचानक भावुक हो गए. उनकी आंखों में आंसू साफ नजर आए और कुछ देर तक वे खुद को संभालने की कोशिश करते रहे. इस दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उनका सहारा दिया और उन्हें कुर्सी पर बैठाया. वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल भी उनका हाथ पकड़कर उन्हें ढांढस बंधाते दिखाई दिए. इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
टिकट नहीं मिलने के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
यह भावुक पल उस समय सामने आया जब भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी के नामांकन को लेकर बड़ी रैली आयोजित की गई थी. कार्यक्रम में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और बड़ी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद थे. मंच पर मौजूद नेताओं ने नरोत्तम मिश्रा का मनोबल बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन उनकी भावनाएं चेहरे पर साफ दिखाई दे रही थीं. वे कभी आंखें पोंछते नजर आए तो कभी पानी पीकर खुद को सामान्य करने का प्रयास करते दिखे.
राजनीतिक गलियारों में इस घटना को टिकट नहीं मिलने से जोड़कर देखा जा रहा है. लंबे समय से यह चर्चा चल रही थी कि दतिया उपचुनाव में भाजपा नरोत्तम मिश्रा को उम्मीदवार बना सकती है. उनके समर्थकों के बीच भी इसी तरह की उम्मीद बनी हुई थी और मिश्रा ने भी चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी थीं. यहां तक कि नामांकन को लेकर भी चर्चाएं तेज हो चुकी थीं. हालांकि अंतिम समय में पार्टी ने पूर्व मंत्री की जगह संगठन से जुड़े कार्यकर्ता आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया.
समर्थकों ने जताया साथ, पार्टी निर्णय को बताया सर्वोपरि
नरोत्तम मिश्रा को भावुक होते देख उनके समर्थक भी भावनात्मक नजर आए. मंच पर मौजूद कुछ समर्थक अपनी आंखों के आंसू पोंछते दिखाई दिए. इसके बावजूद उन्होंने साफ कहा कि भाजपा का निर्णय उनके लिए सर्वोपरि है और पूरा संगठन आशुतोष तिवारी की जीत सुनिश्चित करने के लिए पूरी ताकत से चुनाव मैदान में काम करेगा.
आशुतोष तिवारी ने दो सेट में भरा नामांकन
नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बताया कि भाजपा उम्मीदवार आशुतोष तिवारी ने दो सेट में अपना नामांकन पत्र दाखिल किया है. उन्होंने विश्वास जताया कि प्रदेश में भाजपा का जीत का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा. दतिया उपचुनाव को पार्टी प्रतिष्ठा की लड़ाई मान रही है और इसी वजह से प्रदेश नेतृत्व पूरी सक्रियता के साथ चुनाव प्रचार में जुटा हुआ है.









