कान्हीवाडा शक्ति की आराधना, आस्था और भक्ति के महापर्व शारदीय नवरात्र को लेकर माता दिवाला सहित आसपास के क्षेत्रों में उत्साह और उल्लास का माहौल है। मां दुर्गा की प्रतिमाओं के आगमन के साथ ही नवरात्र पर्व की रौनक बढ़ गई है। श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ माता रानी की अगवानी कर रहे हैं। वहीं, माता दिवाला स्थित खैरमाई मंदिर में विधि-विधान के साथ 73 ज्योति कलश एवं मनोकामना कलश स्थापित किए गए हैं। कलश स्थापना के साथ ही मंदिर में नवरात्र की धार्मिक गतिविधियों का शुभारंभ हुआ और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
लगभग 100 वर्षों से अधिक पुरानी है मंदिर की मान्यता
माता दिवाला खैरमाई मंदिर की मान्यता लगभग 100 वर्षों से भी अधिक पुरानी बताई जाती है। यह मंदिर क्षेत्र के श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है, जहां भक्त माता रानी के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। नवरात्र के अवसर पर मंदिर में विशेष धार्मिक उत्साह देखने को मिलता है। इस वर्ष 73 ज्योति कलश एवं मनोकामना कलशों की स्थापना की गई है। श्रद्धालु इन कलशों के माध्यम से अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति, परिवार की सुख-समृद्धि और क्षेत्र की खुशहाली के लिए माता रानी से प्रार्थना कर रहे हैं।
मंदिर में अनेक देवी-देवताओं के विराजमान होने की मान्यता
माता दिवाला स्थित खैरमाई मंदिर में खैरमाई माता के साथ ग्राम देवी, शीतला माता, मैली माई, खोखली माई, भैरो बाबा एवं बाघ देव की भी मान्यता है। इन देवी-देवताओं के प्रति क्षेत्र के लोगों की गहरी श्रद्धा है। श्रद्धालु धार्मिक अवसरों पर मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना करते हैं और परिवार की सुख-शांति तथा खुशहाली की कामना करते हैं। मंदिर से जुड़ी धार्मिक परंपराएं पीढ़ियों से लोगों की आस्था का हिस्सा बनी हुई हैं।
नवरात्र में प्रतिमाओं के आगमन से बढ़ी रौनक
शारदीय नवरात्र के प्रारंभ होते ही माता दिवाला सहित आसपास के क्षेत्रों में मां दुर्गा की प्रतिमाओं के आगमन का सिलसिला शुरू हो गया है। श्रद्धालु माता रानी की प्रतिमाओं को उत्साहपूर्वक पंडालों तक लेकर पहुंच रहे हैं। जयकारों के बीच प्रतिमाओं का स्वागत किया जा रहा है। पूजा समितियों द्वारा पंडालों को सजाने, विद्युत साज-सज्जा करने और धार्मिक आयोजनों की तैयारियां की जा रही हैं। इससे पूरे क्षेत्र में उत्सव का माहौल बना हुआ है।
नवरात्र के नौ दिनों तक श्रद्धालु मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा-अर्चना कर भक्ति में लीन रहेंगे। माता दिवाला खैरमाई मंदिर में 73 ज्योति कलश एवं मनोकामना कलशों की स्थापना और प्राचीन धार्मिक मान्यताओं के साथ नवरात्र पर्व का विशेष महत्व देखने को मिल रहा है। आस्था, परंपरा और भक्ति से जुड़ा यह पर्व क्षेत्र में धार्मिक उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।









