नीमच। जावद जनपद अध्यक्ष और थड़ोद पंचायत से जुड़े कथित भ्रष्टाचार मामले में कार्रवाई नहीं होने को लेकर सियासत तेज हो गई है। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने जिला प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कलेक्टर और एसपी से जवाब मांगा है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर मामले में कार्रवाई में हो रही देरी को लेकर नाराजगी जाहिर की और प्रशासन को चेतावनी भी दी।
जनपद अध्यक्ष पर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने सवाल किया कि यदि जनपद अध्यक्ष को कथित तौर पर रिश्वत मामले में रंगे हाथ पकड़ा गया था, तो अब तक गिरफ्तारी और पद से हटाने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि यदि जांच में सरपंच और सचिव पर वित्तीय अनियमितताओं की पुष्टि हुई है तो पंचायत अधिनियम के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की गई।
जनसुनवाई में पहुंचने की चेतावनी
पूर्व मुख्यमंत्री ने प्रशासन से जवाब मांगते हुए कहा कि यदि इन सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया तो वे स्वयं नीमच पहुंचकर कलेक्टर की जनसुनवाई में शामिल होंगे। उनके इस बयान के बाद स्थानीय प्रशासन और राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पहले भी उठा था मामला
इससे पहले कांग्रेस नेता पंकज तिवारी भी इसी मुद्दे को लेकर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। उन्होंने जनसुनवाई के दौरान विरोध जताते हुए प्रशासनिक कार्रवाई पर सवाल उठाए थे। तिवारी ने आरोप लगाया था कि कार्रवाई में देरी के कारण लोगों का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हो रहा है।
ज्ञापन में लगाए गए थे गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता पंकज तिवारी ने अपने ज्ञापन में आरोप लगाया था कि जावद जनपद अध्यक्ष के खिलाफ लोकायुक्त कार्रवाई के बावजूद उचित कदम नहीं उठाए गए। साथ ही पंचायत स्तर पर वित्तीय अनियमितताओं के मामलों में भी कार्रवाई लंबित है। हालांकि इन आरोपों पर प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।
प्रशासन की कार्रवाई पर नजर
अब दिग्विजय सिंह के सीधे हस्तक्षेप और चेतावनी के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि जिला प्रशासन मामले में क्या कदम उठाता है। फिलहाल यह मामला राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
ये खबर भी पढ़ें..







