पुराने भोपाल के लोगों की मुश्किलें इन दिनों काफी बढ़ गई हैं. शहर में एक के बाद एक रास्ते बंद होने से रहवासियों का रोजमर्रा का सफर किसी चुनौती से कम नहीं रह गया है. पहले से ही बरखेड़ी रेलवे फाटक बंद होने की वजह से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ रही थी, और उस समय वाहन चालकों के पास सिर्फ बाग उमराव दूल्हा अंडरब्रिज ही मुख्य वैकल्पिक रास्ता बचा था. लेकिन अब रेलवे ने इस रास्ते पर भी आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी है. इस अचानक लिए गए फैसले से बाग उमरावदूल्हा, सोनिया कॉलोनी, महामाई का बाग, पुष्पा नगर, बरखेड़ी, ऐशबाग और जहांगीराबाद जैसे घनी आबादी वाले इलाकों के लोगों को काफी लंबा चक्कर काटकर अपने गंतव्य तक पहुंचना पड़ रहा है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस रास्ते के बंद होने से उनका दैनिक सफर करीब पांच किलोमीटर तक बढ़ गया है. परेशानी सिर्फ यहीं खत्म नहीं होती, हालात तब और ज्यादा बिगड़ जाते हैं जब अन्य रास्तों की तस्वीर देखते हैं. बोगदा पुल से बरखेड़ी फाटक की तरफ जाने वाली सड़क का करीब 100 मीटर का हिस्सा पहले से ही मेट्रो प्रोजेक्ट के काम के चलते बंद पड़ा है. इसके अलावा, इलाके में नया 90 डिग्री का ब्रिज बनकर तो तैयार हो चुका है, लेकिन तकनीकी वजहों या मंजूरी न मिलने के कारण उस पर अभी तक ट्रैफिक शुरू नहीं किया गया है. ऐसे में आम जनता के पास आने-जाने के लिए बहुत ही सीमित और बेहद कम विकल्प बचे हैं.
रेलवे की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, पुल नंबर 835/1 की बैरल लंबाई बढ़ाने और उसके जरूरी संरचनात्मक सुधार के कार्य के लिए 8 अक्टूबर से 6 दिसंबर तक यानी पूरे 63 दिनों का लंबा ट्रैफिक ब्लॉक लिया गया है. सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए इस अंडरब्रिज के दोनों तरफ मजबूत बैरिकेडिंग कर दी गई है ताकि कोई वाहन गलती से भी अंदर न जा सके. अब मजबूरी में वाहन चालकों को काफी घूमकर सुभाष नगर अंडरब्रिज और ओवरब्रिज के जरिए आना-जाना पड़ रहा है. इस ट्रैफिक डायवर्जन का सबसे बुरा असर रोज सुबह दफ्तर और काम पर जाने वाले लोगों, स्कूल-कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों और सबसे बढ़कर मरीजों को आपातकालीन स्थिति में अस्पताल ले जाने वाले परिवारों पर पड़ रहा है.
यातायात व्यवस्था संभालने के लिए पुलिस प्रशासन ने भी लोगों से अपील की है कि वे असुविधा से बचने के लिए तय किए गए वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें. दोपहिया और तीन पहिया वाहन चालकों को विशेष रूप से सुभाष नगर अंडरब्रिज की तरफ डायवर्ट किया जा रहा है. जब तक दिसंबर की यह अवधि पूरी नहीं होती और यह अंडरब्रिज दोबारा नहीं खुल जाता, तब तक पुराने भोपाल के इन इलाकों के लोगों को रोजाना इसी ट्रैफिक जाम और लंबे सफर की समस्या से जूझना पड़ेगा.









