सौरभ श्रीवास्तव संवाददाता कटनी --शहर में इन दिनों राजश्री पान मसाला और कैश पान मसाला के व्यापार को लेकर गंभीर आरोप सामने आ रहे हैं। उपभोक्ताओं और फुटकर व्यापारियों का कहना है कि शहर में बड़े पान मसाला थोक व्यापारी कथित रूप से स्टॉक दबाकर रख रहे हैं, जिससे बाजार में कृत्रिम शॉर्टेज की स्थिति बन गई है।आरोप है कि बाजार में उपलब्ध पान मसाला पैकेट पर छपी एमआरपी से अधिक दाम वसूले जा रहे हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि जिन पैकेटों की एमआरपी 5 या 10 रुपये अंकित है, उन्हें अधिक कीमत पर बेचा जा रहा है।स्थानीय फुटकर दुकानदारों का भी कहना है कि उन्हें माल पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल पा रहा है, जबकि बड़े व्यापारी ऊंचे दामों पर माल उपलब्ध करा रहे हैं। इससे छोटे दुकानदारों का मुनाफा घट रहा है और उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।सूत्रों के अनुसार, कुछ बड़े व्यापारियों द्वारा कथित रूप से कच्चे बिल पर माल बेचे जाने की भी जानकारी सामने आ रही है। यदि ऐसा हो रहा है तो इससे सरकार को जीएसटी राजस्व का नुकसान होने की आशंका है।उपभोक्ताओं ने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और एमआरपी से अधिक कीमत वसूलने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही, स्टॉक की जांच कर कृत्रिम कमी पैदा करने वालों के खिलाफ भी कदम उठाए जाएं।अब देखना यह होगा कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं और आम उपभोक्ताओं को राहत कब तक मिलती है।
कटनी में पान मसाला की कालाबाज़ारी! एमआरपी से अधिक दाम पर बिक रहा माल
Khabar Digital Desk
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