भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ मध्य प्रदेश में शिक्षकों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के लिए शुरू की गई एक मानवीय पहल हजारों परिवारों के लिए आर्थिक सहारा बन रही है। प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संगठन (PMUMS) की ओर से संचालित इस पहल के तहत अब तक 15 दिवंगत कर्मचारियों के नामांकित परिजनों को कुल 4 करोड़ 33 लाख रुपये से अधिक की सहायता राशि प्रदान की जा चुकी है, जोकि अपने आप में एक मिसाल के तौर पर देखी जा रही है।
आर्थिक संबल का बड़ा सहारा
संगठन के अनुसार, इस व्यवस्था की शुरुआत कर्मचारियों के परिवारों को आकस्मिक परिस्थितियों में आर्थिक संबल देने के उद्देश्य से की गई थी। इसके तहत शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग में कार्यरत यदि कोई कर्मचारी सेवाकाल के दौरान असामयिक निधन का शिकार होता है, तो संगठन के सभी पंजीकृत सदस्य मिलकर उसके परिवार की आर्थिक सहायता करते हैं। जिसमें पूरी पारदर्शिता का पालन किया जाता है।
इस तरह चलती है योजना
PMUMS के पदाधिकारी ने बताया कि प्रत्येक पंजीकृत सदस्य केवल 45 से 50 रुपये तक की राशि सीधे दिवंगत कर्मचारी के नामांकित परिजन के बैंक खाते में ऑनलाइन जमा करता है। बड़ी संख्या में सदस्यों के सहयोग से एक परिवार को औसतन 26 से 27 लाख रुपये तक की सहायता मिल जाती है। यह पूरी प्रक्रिया प्रत्येक माह 5 से 20 तारीख के बीच ऑनलाइन माध्यम से पूरी की जाती है। जबकि संगठन की सदस्यता पूरी तरह निःशुल्क है। शिक्षा विभाग और जनजातीय कार्य विभाग का कोई भी कर्मचारी संगठन की वेबसाइट www.pmums.com के माध्यम से अपना पंजीकरण करा सकता है।
इनके परिजनों के मिली सहायता
जून 2026 में भी संगठन ने चार दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान की। बैतूल के स्वर्गीय श्यामकिशोर सोनी और देवास के स्वर्गीय चंद्रप्रकाश जोशी के नामांकित परिजनों को 27.50-27.50 लाख रुपये, बालाघाट के स्वर्गीय कृष्ण कुमार करंडे के परिवार को 27.40 लाख रुपये तथा दमोह के स्वर्गीय अमित असाटी के परिवार को 27 लाख रुपये की सहायता दी गई। इस तरह जून माह में कुल 1 करोड़ 9 लाख रुपये का सहयोग सीधे लाभार्थियों के खातों में पहुंचाया गया।









