मध्य प्रदेश की सियासत में एक बार फिर बालाघाट का मुद्दा चर्चा के केंद्र में आ गया है. लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 1 अक्टूबर को बालाघाट के दौरे पर रहेंगे. प्रस्तावित दौरे के दौरान वे आदिवासी बहुल बैहर और बिरसा क्षेत्र में जाएंगे और हाल में जान गंवाने वाले बच्चों के परिवारों से मुलाकात करेंगे. इस दौरे की जानकारी कांग्रेस नेताओं की ओर से भी सामने आई है.
आदिवासी बच्चों की मौत का मामला बना बड़ा मुद्दा
दरअसल, बालाघाट के आदिवासी इलाकों में पिछले कुछ समय से बच्चों की मौत का मामला लगातार सुर्खियों में है. अलग-अलग रिपोर्टों में मृत बच्चों की संख्या 20 से अधिक से लेकर 30 तक बताई गई है. मलेरिया, कुपोषण और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बीच हुई इन मौतों ने इलाके की स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े किए हैं.
कांग्रेस इस पूरे मामले को लेकर प्रदेश सरकार पर सवाल उठा रही है. पार्टी की ओर से स्वास्थ्य सेवाओं, प्रशासनिक इंतजाम और आदिवासी इलाकों में बच्चों को समय पर इलाज मिलने जैसे मुद्दे उठाए गए हैं. राहुल गांधी अपने दौरे में प्रभावित गांवों का जायजा लेने के साथ मृत बच्चों के परिजनों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानेंगे.
15 दिन में दूसरी बार MP आएंगे राहुल गांधी
राहुल गांधी का यह दौरा इसलिए भी अहम है क्योंकि सितंबर में ही वे मध्य प्रदेश आ चुके हैं. इससे पहले 19 सितंबर को उन्होंने इंदौर का दौरा किया था. यहां इंदौर विकास प्राधिकरण की जमीन पर आयोजित 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में उन्होंने विद्यार्थियों से संवाद किया था.
अब करीब 12 दिन बाद राहुल गांधी एक बार फिर मध्य प्रदेश पहुंचेंगे. 1 अक्टूबर के बालाघाट दौरे में उनका फोकस आदिवासी बच्चों की मौत से प्रभावित परिवारों से मुलाकात और जमीनी हालात की जानकारी लेने पर रहेगा. उनके दौरे के बीच बालाघाट का यह मुद्दा प्रदेश की सियासत में एक बार फिर प्रमुखता से उठना तय माना जा रहा है.







