लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी 19 सितंबर को मध्यप्रदेश के इंदौर पहुंचने वाले हैं. यहां वे 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से संवाद करेंगे. राहुल गांधी के दौरे से पहले ही कार्यक्रम स्थल को लेकर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है. कांग्रेस जहां रीजनल पार्क के सामने स्थित भारत जोड़ो मैदान में कार्यक्रम की तैयारियों में जुटी है, वहीं भाजपा ने प्रस्तावित आयोजन स्थल पर सवाल खड़े किए हैं.
कांग्रेस की तैयारियों के बीच भाजपा ने प्रशासन से कार्यक्रम की तैयारियों को तत्काल रोकने की मांग की है. बीजेपी का कहना है कि जिस जमीन पर कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही जा रही है, उसके स्वामित्व और कब्जे को लेकर न्यायालय में मामला चल रहा है.
बीजेपी ने प्रशासन को सौंपा ज्ञापन
भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता राकेश सिंह यादव ने कार्यक्रम स्थल को विवादित बताते हुए कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन सौंपा. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि आयोजन की अनुमति और जमीन से जुड़े दस्तावेजों की पूरी तरह जांच की जाए. उनका कहना है कि आयोजकों ने संबंधित सक्षम प्राधिकारी से अनुमति ली है या नहीं, यह भी स्पष्ट किया जाना जरूरी है.
NSUI ने बीजेपी पर साधा निशाना
बीजेपी की आपत्ति का NSUI के राष्ट्रीय प्रवक्ता विराज यादव ने विरोध किया है. उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर सत्तारूढ़ दल में बेचैनी है. विराज यादव ने कहा कि जिस जगह को भाजपा विवादित बता रही है, वहां पहले भी कई आयोजन हो चुके हैं.
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि भाजपा विधायक गोलू शुक्ला के बेटे रुद्राक्ष शुक्ला भी नेहरू स्टेडियम में कार्यक्रम आयोजित कर चुके हैं. कांग्रेस और NSUI ने इसी आधार पर बीजेपी की आपत्ति पर सवाल उठाए हैं.
जीतू पटवारी बोले, युवाओं में उत्साह
कार्यक्रम को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी भी लगातार सक्रिय हैं. उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि 'इंदौर' और 'छात्रों की गूंज' जैसे शब्द ही बीजेपी की बेचैनी बढ़ाने के लिए काफी हैं. पटवारी का दावा है कि राहुल गांधी के कार्यक्रम को लेकर इंदौर के साथ-साथ पूरे मध्यप्रदेश के युवाओं में उत्साह है.
Gen Z तक पहुंच बनाने की कांग्रेस की कोशिश
कांग्रेस अब राहुल गांधी के कार्यक्रम को युवाओं और खासकर Gen Z तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा ले रही है. पार्टी चाहती है कि 'छात्रों की गूंज' कार्यक्रम की चर्चा ज्यादा से ज्यादा युवाओं तक पहुंचे.
इसी रणनीति के तहत जीतू पटवारी ने कार्यक्रम से जुड़ी तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा की है. उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे इस तस्वीर को अपनी प्रोफाइल डीपी बनाएं. कांग्रेस की कोशिश है कि राहुल गांधी की तस्वीर और कार्यक्रम का संदेश बड़ी संख्या में युवाओं के मोबाइल स्क्रीन तक पहुंचे और सोशल मीडिया पर इसकी व्यापक चर्चा हो.









