बालाघाट (मध्य प्रदेश): लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद Rahul Gandhi ने मध्य प्रदेश के बालाघाट दौरे के दौरान राज्य और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने क्षेत्र के आदिवासी इलाकों का जिक्र करते हुए कहा कि यहां कई बच्चों की मौत बीमारी और कुपोषण की वजह से हो चुकी है। सरकार की ओर से स्वास्थ्य, शिक्षा या रोजगार के मोर्चे पर मिलने वाली मदद आदिवासियों को नहीं मिली।
आदिवासी को नहीं मिलती केंद्र और राज्य सरकार की मदद
राहुल गांधी ने कहा कि ऐसा महसूस होता है जैसे इन लोगों को भारत के दिल में बिल्कुल अकेला छोड़ दिया गया हो, और इनके लिए न तो केंद्र सरकार का की कोई मदद मिलती है और न ही मध्य प्रदेश सरकार कोई मदद करता है। उन्होंने कहा कि भूमि अधिकारों, मनरेगा (MGNREGA) और वन अधिकार कानून से जुड़े कई गंभीर मुद्दे अनसुलझे हैं, लेकिन इसके बावजूद पीड़ितों को कोई सहायता नहीं मिल रही है।
चौबीसों घंटे 'विकास' की बातें करते हैं, जबकि भ्रष्टाचार 24 घंटे चरम पर
राहुल गांधी ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, "मैं सरकार से आग्रह करता हूं कि वो अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करे। आपको इन लोगों को अस्पताल और स्कूल मुहैया कराने ही होंगे, जिनके आदिवासी हकदार हैं। मुझे नहीं पता कि आप किस दुनिया में जी रहे हैं। आप चौबीसों घंटे 'विकास' की बातें करते हैं, जबकि भ्रष्टाचार 24 घंटे चरम पर है। लेकिन जब हमारे आदिवासी भाइयों-बहनों को मदद की जरूरत होती है, तो आप कहीं नजर नहीं आते।"
कांग्रेस सत्ता में आयी तो हर संभव मदद का किया वादा
उन्होंने कहा, "अपना काम कीजिए, यहां शिक्षा और स्वास्थ्य की बुनियादी सुविधाएं मुहैया कराइए और यह सुनिश्चित कीजिए कि इन लोगों को उनका हक मिले। हमने उन्हें भरोसा दिलाया है कि जैसे ही हमारी सरकार सत्ता में आएगी, हम हरसंभव मदद करेंगे।"
'यह मध्य प्रदेश सरकार की पूरी तरह विफलता है'
राहुल गांधी ने प्रदेश सरकार को घेरते हुए कहा कि यह मध्य प्रदेश में शासन की पूरी तरह से नाकामी है। आप कहीं भी चले जाइए, आपको हर तरफ 100% प्रशासनिक और सरकारी विफलता ही दिखाई देगी।
उन्होंने कह कि वे इस गंभीर मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे संसद में केवल बालाघाट के आदिवासियों का मामला ही नहीं उठाएंगे, बल्कि पूरे देश में आदिवासियों के साथ हो रहे सलूक के मुद्दे को भी जोर-शोर से रखेंगे।









