उज्जैन/खबर डिजिटल/ लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी एक बार फिर मध्यप्रदेश के दौरे पर आ सकते हैं। इस बार उनके उज्जैन पहुंचने की चर्चा है। मीडिया रिपोर्ट्स और पार्टी सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी अक्टूबर के अंतिम सप्ताह या नवंबर में उज्जैन आ सकते हैं। हालांकि, दौरे की तारीख और कार्यक्रम को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
राहुल गांधी हाल के दिनों में मध्यप्रदेश में लगातार सक्रिय नजर आए हैं। 19 सितंबर को उन्होंने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं से संवाद किया था, जबकि 1 अक्टूबर को वे बालाघाट के जगला गांव पहुंचे और बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की।
उज्जैन में कार्यकर्ताओं से संवाद की तैयारी
सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित उज्जैन दौरे के दौरान राहुल गांधी कांग्रेस के संगठन सृजन अभियान के तहत नियुक्त नए पदाधिकारियों और जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद कर सकते हैं। बताया जा रहा है कि ब्लॉक और मंडल स्तर के अध्यक्षों के प्रशिक्षण शिविर में भी उनके शामिल होने की योजना है। इसके अलावा उज्जैन संभाग के साथ रतलाम, शाजापुर, देवास, आगर मालवा, मंदसौर और नीमच जिलों के कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं से संवाद का कार्यक्रम भी प्रस्तावित बताया जा रहा है। विधानसभा चुनाव 2028 से पहले संगठन को सक्रिय करने और कार्यकर्ताओं से सीधे संवाद पर इस दौरे का फोकस रहने की बात कही जा रही है।
बालाघाट में उठाया आदिवासी बच्चों की मौत का मुद्दा
बालाघाट दौरे के दौरान राहुल गांधी ने जगला गांव में उन बैगा आदिवासी परिवारों से मुलाकात की, जिन्होंने बीमारी और अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के बीच अपने बच्चों को खोया है। इस मामले में 30 से अधिक बच्चों की मौत की रिपोर्ट सामने आई है, जबकि स्थानीय स्तर पर अलग-अलग संख्या के दावे भी किए गए हैं। राहुल गांधी ने इस मुद्दे को स्वास्थ्य सुविधाओं, शिक्षा और आदिवासी क्षेत्रों में सरकारी सेवाओं से जोड़ते हुए संसद में मामला उठाने की बात कही। वहीं, इस मामले को लेकर मध्यप्रदेश हाई कोर्ट में भी याचिका दाखिल हुई है और कोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है।
इंदौर में छात्रों से जुड़े मुद्दों पर किया था संवाद
इससे पहले 19 सितंबर को राहुल गांधी ने इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के जरिए छात्रों और युवाओं से संवाद किया था। कार्यक्रम में शिक्षा व्यवस्था, भर्ती परीक्षाओं, बेरोजगारी और परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इंदौर का यह कार्यक्रम पहले 12 सितंबर को प्रस्तावित था, लेकिन नेहरू स्टेडियम में अनुमति नहीं मिलने के बाद इसे 19 सितंबर को दूसरे स्थान पर आयोजित किया गया। अब प्रस्तावित उज्जैन दौरे के जरिए राहुल गांधी का फोकस कांग्रेस के संगठनात्मक ढांचे और जमीनी कार्यकर्ताओं से संवाद पर रहने की संभावना है। हालांकि, दौरे की अंतिम तारीख और कार्यक्रम की आधिकारिक पुष्टि कांग्रेस की ओर से होना बाकी है।
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