इंदौर/खबर डिजिटल/नरेन्द्र महावर/ वर्षा जल संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने के लिए इंदौर नगर निगम की पहल अब प्रभावी साबित हो रही है। घरों, कार्यालयों, व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और अन्य भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने वाले संपत्ति मालिकों को नगर निगम द्वारा संपत्ति कर में 10 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। इस प्रोत्साहन के बाद शहर में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनाने वाले लोगों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
नगर निगम की यह योजना भूजल स्तर को बेहतर बनाने और भविष्य में जल संकट की आशंका को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। नागरिकों की बढ़ती भागीदारी से यह अभियान अब केवल प्रशासनिक पहल न रहकर जनआंदोलन का रूप लेता दिखाई दे रहा है।
रीगल चौराहा क्षेत्रों का किया निरीक्षण
इसी अभियान के तहत महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने पार्षद पंखुड़ी डोसी और नगर निगम के जोनल अधिकारियों के साथ रीगल चौराहा एवं आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आवासीय भवनों, कार्यालय परिसरों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में स्थापित रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम की व्यवस्थाओं को देखा और उनकी कार्यप्रणाली की जानकारी ली।
जागरूक नागरिकों का किया आभार व्यक्त
महापौर ने वर्षा जल संचयन प्रणाली स्थापित करने वाले भवन स्वामियों को जागरूक नागरिक बताते हुए उनका आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसे नागरिक अपने अनुभव दूसरों तक पहुंचाएं और आसपास के लोगों को भी रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने के लिए प्रेरित करें। इससे शहर के अधिक से अधिक भवनों में वर्षा जल का संरक्षण संभव हो सकेगा।
भूजल स्तर में गिरावट बनी थी चुनौती
ग्रीष्मकाल में भूजल स्तर में गिरावट के कारण शहर के कई इलाकों में बोरवेल सूखने की स्थिति बनी थी। इससे पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। इसी चुनौती से निपटने के लिए नगर निगम ने नागरिकों के सहयोग से प्रत्येक भवन में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने का लक्ष्य तय किया था।
सहभागिता से भूजल संरक्षण को मिलेगी मजबूती
अब इस अभियान का असर शहर में नजर आने लगा है। विभिन्न क्षेत्रों में लोग स्वेच्छा से वर्षा जल संचयन की व्यवस्था कर रहे हैं। नगर निगम को उम्मीद है कि नागरिकों की सक्रिय सहभागिता से भूजल संरक्षण को मजबूती मिलेगी और इंदौर जल सुरक्षा की दिशा में एक नई मिसाल कायम करेगा।









