मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना से ठीक पहले कांग्रेस ने पूर्व विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ बड़ा अनुशासनात्मक कदम उठाते हुए उन्हें पार्टी से निष्कासित कर दिया है. उन पर उपचुनाव के दौरान पार्टी विरोधी गतिविधियों और कथित भीतरघात के आरोप लगाए गए हैं. इस कार्रवाई के बाद राजेंद्र भारती ने पहली बार खुलकर अपनी प्रतिक्रिया दी और साफ कहा कि पार्टी से बाहर किए जाने के बावजूद उनका राजनीतिक सफर नहीं रुकेगा. उन्होंने दावा किया कि वे वर्ष 2028 का विधानसभा चुनाव हर हाल में लड़ेंगे.
घनश्याम सिंह और नरोत्तम मिश्रा पर साधा निशाना
निष्कासन के बाद मीडिया से बातचीत में राजेंद्र भारती ने कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह पर गंभीर आरोप लगाए. उनका कहना था कि उन्होंने वर्षों तक कांग्रेस को मजबूत करने के लिए संघर्ष किया और वर्ष 2023 के विधानसभा चुनाव में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को हराकर पार्टी को बड़ी जीत दिलाई थी. भारती ने आरोप लगाया कि घनश्याम सिंह की डॉ. नरोत्तम मिश्रा से नजदीकियां हैं और उन्हीं के कहने पर उनके खिलाफ शिकायत कराई गई.
उन्होंने कहा कि पार्टी ने जो फैसला लिया है, वह उसका अधिकार है, लेकिन इससे उनकी राजनीति खत्म नहीं होने वाली. उनका कहना था कि वे जनता की राजनीति करते हैं और जनता का समर्थन ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है.
टिकट को लेकर भी किया बड़ा दावा
राजेंद्र भारती ने यह भी कहा कि कांग्रेस नेतृत्व ने उन्हें उनके परिवार के किसी सदस्य, पत्नी या बेटे को टिकट देने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंने इसे स्वीकार नहीं किया. उनके अनुसार राजनीति उनके लिए केवल टिकट पाने का माध्यम नहीं है, बल्कि जनता की सेवा का रास्ता है. उन्होंने कहा कि उन्हें जनता का आशीर्वाद मिला है और आगे भी मिलता रहेगा.
हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि वर्ष 2028 का चुनाव वे किस दल के टिकट पर लड़ेंगे या निर्दलीय मैदान में उतरेंगे. लेकिन इतना जरूर कहा कि चुनाव लड़ने का उनका फैसला पूरी तरह तय है.
मतगणना से पहले बढ़ी सियासी हलचल
दतिया उपचुनाव की मतगणना से कुछ घंटे पहले हुई इस कार्रवाई ने प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है. प्रदेश कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश प्रभारी हरीश चौधरी की ओर से जारी आदेश के बाद यह कदम उठाया गया. हाल के दिनों में राजेंद्र भारती और कांग्रेस प्रत्याशी घनश्याम सिंह के बीच सार्वजनिक बयानबाजी और आरोप-प्रत्यारोप लगातार सुर्खियों में रहे थे. अब पार्टी की कार्रवाई के बाद दतिया की राजनीति और भी दिलचस्प हो गई है. सभी की नजर अब चुनाव परिणाम और आगे की राजनीतिक रणनीति पर टिकी हुई है.









