केंद्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्य मंत्री रामदास आठवले सोमवार को मध्य प्रदेश के इंदौर पहुंचे. यहां उन्होंने नशा मुक्ति अभियान से जुड़े एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया और युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की. इस दौरान उन्होंने युवाओं के साथ सीधे संवाद भी किया और नशे के दुष्परिणामों को लेकर जागरूक किया.
आठवले ने कहा कि नशे की लत केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि इसका असर पूरे परिवार पर पड़ता है. नशाखोरी के कारण स्वास्थ्य खराब होने के साथ आर्थिक नुकसान भी होता है. इसके अलावा व्यक्ति की सामाजिक प्रतिष्ठा पर भी बुरा असर पड़ता है. उन्होंने नशा मुक्ति के लिए चलाए जा रहे अभियान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए जरूरी पहल बताया.
छात्र आंदोलनों पर बोले आठवले
दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए छात्र आंदोलन को लेकर भी रामदास आठवले ने अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने दावा किया कि देश का युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा करता है और वर्ष 2014 से लगातार सरकार का समर्थन करता आया है.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि युवाओं से जुड़ी समस्याओं को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है. उन्होंने कहा कि युवाओं की जो भी मांगें उचित हैं, उन्हें सुनने और समस्याओं का समाधान करने के लिए सरकार तैयार है. उनका कहना था कि सरकार युवा वर्ग पर विशेष ध्यान देते हुए लगातार काम कर रही है.
राहुल गांधी को लेकर दिया क्रिकेट वाला बयान
2029 के लोकसभा चुनाव को लेकर भी रामदास आठवले ने बड़ा दावा किया. विपक्षी दलों की ओर से राहुल गांधी को प्रधानमंत्री पद का संभावित चेहरा बनाए जाने की चर्चाओं पर उन्होंने कहा कि विपक्ष को अपना उम्मीदवार चुनने का पूरा अधिकार है, लेकिन अगली बार भी केंद्र में मोदी सरकार ही बनेगी.
अपने चिर-परिचित अंदाज में आठवले ने चुनावी मुकाबले की तुलना क्रिकेट से कर दी. उन्होंने कहा कि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की टीम की ओर से मैदान में उतरेंगे और टी-20 मैच की तरह मुकाबला करते हुए राहुल गांधी का विकेट लेंगे. उन्होंने केंद्र में एक बार फिर भारी बहुमत के साथ मोदी सरकार बनने का विश्वास जताया.
संजय राउत के आरोपों पर तीखा पलटवार
शिवसेना यूबीटी नेता संजय राउत के राजनीतिक धोखे और जहर देने जैसे आरोपों पर भी आठवले ने जवाब दिया. उन्होंने कहा कि भाजपा और शिवसेना ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन चुनाव के बाद उद्धव ठाकरे ने कांग्रेस के साथ सरकार बना ली.
आठवले ने आरोप लगाया कि राजनीतिक धोखा भाजपा ने नहीं, बल्कि शिवसेना के तत्कालीन नेतृत्व ने दिया था. उन्होंने साफ कहा कि उनकी पार्टी इस तरह की राजनीति में विश्वास नहीं रखती और विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों का कोई आधार नहीं है.









