इंदौर में आयोजित लोकतंत्र बचाओ रैली को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए मध्य प्रदेश के वरिष्ठ भाजपा विधायक रामेश्वर शर्मा ने तीखा प्रहार किया है। उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर करारा हमला बोलते हुए कहा कि लोकतंत्र की वास्तविक हत्यारी स्वयं कांग्रेस पार्टी ही रही है। शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि 1975 के काले आपातकाल के दौरान ही कांग्रेस का मुंह इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए काला हो चुका था, इसलिए उसे लोकतंत्र पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।
आपातकाल के काले दौर की दिलाई याद
ऐतिहासिक संदर्भों का हवाला देते हुए विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने अदालत के फैसले को दरकिनार करते हुए देश पर जबरन आपातकाल थोपा था। उस काले दौर में करीब 20 से 22 महीनों तक पूरे भारत को जेलखाने में तब्दील कर दिया गया था। उन्होंने कहा कि उस दौरान मस्जिद में नमाज पढ़ने वाले मौलवी, मंदिरों के पुजारी, साधु-संन्यासी और विपक्ष के तमाम शीर्ष नेताओं को सलाखों के पीछे डाल दिया गया था। शर्मा ने दोहराया कि भारतीय जनता पार्टी बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर द्वारा रचित संविधान, देश की संसद, निष्पक्ष न्यायपालिका और स्वतंत्र निर्वाचन प्रणाली में अटूट आस्था रखती है।
जनता का आंदोलन है लोकतंत्र बचाओ रैली
आयोजन की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए विधायक ने कहा कि इंदौर में निकाली जा रही यह विशाल रैली किसी राजनीतिक दल या भाजपा के नेतृत्व में नहीं, बल्कि इंदौर की जागरूक जनता का जनांदोलन है। इसमें शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर, इंजीनियर, शिक्षक, व्यापारी और आम नागरिक अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं। भाजपा के कार्यकर्ता केवल एक जिम्मेदार नागरिक के नाते इसमें अपनी सहभागिता दर्ज करा रहे हैं।
भारत को नहीं बनने देंगे बांग्लादेश या नेपाल
देश विरोधी ताकतों को सख्त चेतावनी देते हुए रामेश्वर शर्मा ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस या किसी भी अन्य विरोधी संगठन की मंशानुसार भारत को बांग्लादेश या नेपाल जैसे राजनीतिक संकट के दौर में नहीं धकेला जा सकता। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि देश की अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ किसी भी तरह की साजिश रचने वाली ताकतों को भारतीय जनता और भाजपा पूरी ताकत से मुंहतोड़ जवाब देगी।







