राणापुर, नावेद रजा/खबर डिजिटल/नगर में इन दिनों धर्म की बयार चल रही हे। करीब 14 स्थानों (मंदिरों )पर भगवत सप्ताह अपने समाज द्वारा आयोजित हो रहे हे। बाहर से पधारे विद्वान पंडितों द्वारा शास्त्र वाचन किया जा रहा हे।माहेश्वरी समाज,हरसोला समाज,सोनी समाज,राठौड़ समाज, गाहरी समाज,माली समाज,पंचाल समाज,आदिवासी समाज आदि समाज बड़े उत्साह से श्रीमद भगवत का श्रवण कर रहे हे। गीता भवन पर श्री पद्मवंशी मेवाड़ा राठौड़ समाज द्वारा आयोजन किया जा रहा हे। भजन ओर साधना करने वाले व्यक्ति का व्यक्तित्व निखर जाता हे। जिस प्रकार स्वर्ण को जितना तपाया जाता हे उतना ही निखार आता हे उसी प्रकार मनुष्य भी भगवद भक्ति में जितना रमेगा उतना उसमें सरल ओर सहजता आएगी।उक्त उद्गार कानपुर से आए पंडित अखिलेश मिश्रा ने कथा के दूसरे दिन उपस्थित जन मेदिनी के समक्ष व्यक्त किए।श्री मिश्रा ने श्री कृष्ण के अदभुत चरित्र की व्याख्या की।भगवान शंकर,श्री राम के अलौकिक स्वरूप का चित्रण करते हुए कहा कि हमें श्री राम की मर्यादा को जीवन में उतरना हे।भगवान शंकर की तरह हलाहल पीना याने बुराइयों को नजर अंदाज करना हे।परिवार में सास बहु,पिता पुत्र,पूरा परिवार सामंजस्यता से रहे। दूसरे दिवस की आरती का लाभ रणछोड़लाल फकीरचंद जी राठौड़ ने लिया।मुख्य लाभार्थी का लाभ रमेश चंद्र ऊंकार जी आसरमा (राठौड़) ने लिया हे।शेष कार्यक्रम में समाज की सहभागिता हो रही हे। आयोजन का संचालन जितेंद्र राठौड़ कर रहे हे।अध्यक्ष नारायण राठौड़,सुरेश राठौड़,जितेंद्र राठौड़ प्रकाश राठौड़,दिलीप राठौड़,महेश राठौड़,नृसिंह राठौड़,राधाकृष्ण राठौड़ व्यवस्था में लगे हुए हे।
राणापुर: श्रीमद् भागवत कथा से नगर में धार्मिक माहौल
Khabar Digital Desk
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