रीवा/अरविंद तिवारी/ख़बर डिजिटल/ इंदौर में कथित रूप से अस्वच्छ पानी पीने से दर्जनों आम नागरिकों की मौत और इस मामले में कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के “घंटा” जैसे शब्दों वाले बयान के बाद प्रदेश की राजनीति में उबाल आ गया है। मंत्री के बयान को लेकर कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश देखा जा रहा है।
विरोध का अपनाया अनोखा तरीका
इसी कड़ी में बुधवार को रीवा जिले के चाकघाट में कांग्रेस ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाया। कांग्रेस नेता कमांडो अरुण गौतम के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन करते हुए मध्यप्रदेश के जीवित कैबिनेट मंत्री की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली। यह विरोध प्रदर्शन और शव यात्रा अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।
मंत्री के खिलाफ की जमकर नारेबाजी
करीब 2 किलोमीटर लंबी शव यात्रा चाकघाट बॉर्डर से शुरू होकर मुख्य बाजार होते हुए बघेड़ी चौराहा तक निकाली गई। शव यात्रा के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार और मंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। अंत में बघेड़ी चौराहा पर मंत्री का पुतला दहन कर विरोध जताया गया।
कांग्रेस नेताओं ने लगाया आरोप
कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि इंदौर में लोगों की मौत जैसे गंभीर मामले पर मंत्री का बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना और संवेदनहीन है। उन्होंने सरकार से मंत्री के बयान पर कार्रवाई और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। इस अनोखे विरोध प्रदर्शन ने पूरे इलाके में राजनीतिक हलचल बढ़ा दी है और यह चर्चा का विषय बना हुआ है।









