रीवा/अरविन्द तिवारी/ रीवा के SDM कार्यालय में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर एक अधिवक्ता का अनोखा विरोध सामने आया। अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि राजस्व प्रकरण की तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बावजूद महज एक हस्ताक्षर के लिए उन्हें करीब तीन महीने से कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
लगातार तारीख मिलने से नाराज अधिवक्ता ने विरोध स्वरूप अपने कपड़े उतारने का प्रयास किया और प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े किए।
नागपुर से बुलाया पक्षकार, फिर भी नहीं हुआ काम
अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय के मुताबिक, स्थगन से संबंधित प्रकरण में आवश्यक राजस्व प्रक्रिया पूरी कराने में कई महीने का समय लगा। उनका कहना है कि प्रकरण की दस्तावेजी प्रक्रिया पूरी कराने के लिए उनके पक्षकार को नागपुर से बुलाया गया। तमाम औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी आदेश पर आवश्यक हस्ताक्षर नहीं हो सके।
अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय का आरोप है कि एक हस्ताक्षर के लिए लगातार नई तारीख दी जा रही है, जिसके चलते उन्हें और उनके पक्षकार को बार-बार SDM कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
‘बार-बार बुलाने से समय और पैसे की बर्बादी’
अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय ने आरोप लगाया कि फरियादी को बार-बार कार्यालय बुलाने से उसके समय के साथ आर्थिक संसाधनों की भी बर्बादी हो रही है। इसी कथित प्रशासनिक देरी से नाराज होकर उन्होंने SDM कार्यालय में अपना आक्रोश जाहिर किया और अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया।
मामले को लेकर अधिवक्ता संतोष कुमार पाण्डेय ने प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस मामले में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। संबंधित राजस्व फाइल की स्थिति और हस्ताक्षर में देरी की वास्तविक वजह स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति साफ हो सकेगी।









