खबर Digital News रिपोर्टर /कटनी-- साइबर अपराधियों के लगातार बदलते हथकंडों के बीच कटनी पुलिस ने अब सीधे जनता के बीच उतरकर मोर्चा संभाल लिया है। मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलेभर में 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत स्कूलों, रेलवे स्टेशन, कृषि उपज मंडियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर व्यापक साइबर जागरूकता अभियान चलाया गया।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य के मार्गदर्शन में पुलिस टीमों ने चौपाल लगाकर लोगों को ऑनलाइन ठगी के नए-नए तरीकों से सावधान किया। ग्रामीणों, छात्रों, व्यापारियों और किसानों को बताया गया कि फर्जी निवेश, डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, केवाईसी अपडेट, फिशिंग लिंक, क्यूआर कोड स्कैम और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे मामलों में जरा सी लापरवाही भारी पड़ सकती है।
इसी अभियान के तहत सीएसपी नेहा पच्चीसिया ने रेलवे परिसर में रेलकर्मियों, जीआरपी पुलिस बल और अधिकृत वेंडर्स को साइबर सुरक्षा का प्रशिक्षण दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बैंक, पुलिस या सरकारी अधिकारी बनकर आने वाली फर्जी कॉल, संदिग्ध लिंक और स्क्रीन शेयरिंग एप के झांसे में आने से बचें तथा किसी भी व्यक्ति के साथ OTP, PIN, CVV या बैंकिंग जानकारी साझा न करें।
अभियान के दौरान नागरिकों को साइबर स्वच्छता की शपथ भी दिलाई गई और पंपलेट वितरित कर बताया गया कि किसी भी साइबर ठगी की स्थिति में बिना देर किए राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करें या संबंधित पुलिस थाना एवं साइबर हेल्पडेस्क से तुरंत संपर्क करें।
कटनी पुलिस का साफ संदेश है— "सतर्क रहें, सजग रहें, सुरक्षित रहें।" साइबर अपराधियों से बचाव का सबसे बड़ा हथियार जागरूकता है, इसलिए हर नागरिक को डिजिटल दुनिया में सोच-समझकर कदम बढ़ाने की जरूरत है।
कटनी से सौरभ श्रीवास्तव की रिपोर्ट









