डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ जिले में भारी बारिश और बिगड़ते मौसम के चलते जिला प्रशासन ने विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए 10 जुलाई को विद्यालयों में अवकाश घोषित किया था। हालांकि, कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया के स्पष्ट निर्देश थे कि यह अवकाश केवल छात्र-छात्राओं के लिए रहेगा, जबकि सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं निर्धारित समय पर विद्यालय में उपस्थित रहकर स्कूल भवन को खुला रखेंगे।
इसके बावजूद अमरपुर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम हथकटा स्थित प्राथमिक शाला बीच टोला में प्रशासनिक आदेशों की खुलेआम अनदेखी का मामला सामने आया है। यहां विद्यालय भवन के मुख्य द्वार पर ताला लटका मिला और विद्यालय में पदस्थ स्टाफ ड्यूटी से पूरी तरह नदारद पाया गया।
मौके से शिक्षक और शिक्षिका दोनों मिले नदारद
अमरपुर विकासखंड के हथकटा बीच टोला प्राथमिक विद्यालय का जब जायजा लिया गया, तो शासन के निर्देशों की पोल खुल गई। पूरा स्कूल परिसर वीरान पड़ा था और ताला लगा हुआ था। विद्यालय में पदस्थ शिक्षक जाहिर सिंह धुर्वे मौके पर उपस्थित नहीं थे।संस्था में कार्यरत अतिथि शिक्षिका जानकी तेकाम भी स्कूल से अनुपस्थित पाई गईं।आपदा प्रबंधन की दृष्टि से जारी किए गए स्पष्ट आदेश के बाद भी स्कूल बंद पाए जाने से प्रशासनिक व्यवस्था और विभागीय निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
बिना पूर्व सूचना अनुपस्थिति और बाद में आवेदन की कवायद
मामले के संबंध में जब अतिथि शिक्षिका जानकी तेकाम से दूरभाष पर संपर्क किया गया, तो उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से बाहर होने की बात कही। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बाहर जाने के संबंध में उन्होंने विभाग या स्कूल प्रबंधन को कोई पूर्व सूचना या अवकाश आवेदन नहीं दिया था।हैरानी की बात यह रही कि मीडिया के मौके पर पहुंचने के बाद मामले को दबाने और अनुपस्थिति को वैध ठहराने के लिए अवकाश आवेदन तैयार करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। वहीं दूसरी ओर, जब शिक्षक जाहिर सिंह धुर्वे से स्कूल बंद रहने का कारण पूछा गया, तो वे कोई स्पष्ट उत्तर देने के बजाय गोलमोल जवाब देते नजर आए।
आपदा प्रबंधन में लापरवाही और निगरानी पर उठे सवाल
ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों में प्राकृतिक आपदा या भारी जलभराव की स्थिति में विद्यालय भवन आपातकालीन आश्रय और राहत केंद्र के रूप में उपयोग किए जाते हैं। ऐसे संवेदनशील समय में जिला दंडाधिकारी के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद स्कूल पर ताला लटका होना गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है।
बीईओ ने कहा- "जांच के आधार पर होगी कड़ी कार्रवाई
मामले को लेकर विकासखंड शिक्षा अधिकारी ने संज्ञान लेते हुए कहा है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। जांच में जो भी शिक्षक अथवा कर्मचारी अनाधिकृत अनुपस्थिति और लापरवाही का दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध सेवा नियमों के तहत सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।"









