MP Bjp Politics: भारतीय जनता पार्टी की राजनीति के बारे में अक्सर कहा जाता है कि यहां जो तस्वीरें पर्दे पर दिखाई देती हैं, परदे के पीछे की पटकथा उससे बिल्कुल जुदा होती है। ऐसा ही कुछ इस समय केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और नवनियुक्त बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की एक ताजा तस्वीर के वायरल होने के बाद देखने को मिल रहा है। शिवपुरी के एक निजी होटल में हुई इस वीआईपी मुलाकात की जो तस्वीर सामने आई है, उसमें दोनों कद्दावर नेता एक साथ बैठकर गहन मंत्रणा करते दिख रहे हैं। दोनों के चेहरों पर बड़ी सी मुस्कान है, लेकिन राजनैतिक गलियारों के मुखबिर और विश्लेषक इसे एक प्राकृतिक हंसी के बजाय पूरी तरह से नपी-तुली सियासी मुस्कान करार दे रहे हैं।
2019 का वो दौर, आज के हालात
सियासी गलियारों में चर्चा है कि समय का चक्र कितनी तेजी से घूमता है, यह ज्योतिरादित्य सिंधिया के हालिया घटनाक्रमों से समझा जा सकता है। साल 2019-20 में जब ज्योतिरादित्य सिंधिया कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे, तब उन्होंने एक तरह से थाल में सजाकर भाजपा को मध्य प्रदेश की सत्ता दोबारा सौंप दी थी। यही वजह थी कि पिछली शिवराज सरकार के कार्यकाल में संगठन से लेकर सरकार तक महाराज की जमकर तूती बोलती थी। दिसंबर 2023 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने अपने दम पर ऐतिहासिक बहुमत हासिल कर लिया। इस प्रचंड जीत ने आलाकमान को इतना मजबूत कर दिया कि सिंधिया की राजनैतिक जरूरत और उनका पावर धीरे-धीरे कम होता चला गया।
नियुक्तियों में महाराज की घेराबंदी!
राजनैतिक पंडितों का मानना है कि हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार द्वारा की गई निगम-मंडलों की नियुक्तियों ने यह साफ कर दिया है कि ज्योतिरादित्य सिंधिया अब भाजपा के लिए कोई मजबूरी या विशेष चेहरा नहीं, बल्कि पार्टी के अन्य नेताओं की तरह ही एक सामान्य नेता बनकर रह गए हैं। ग्वालियर अंचल में आज भी सिंधिया राजघराने का खासा प्रभाव है और जनता उन्हें महाराज कहकर ही संबोधित करती है। इसी प्रभाव और राजशाही के समानांतर नया नेतृत्व खड़ा करने के लिए भाजपा के शीर्ष संगठन ने मिशन 2028 के तहत बड़ी चाल चली है।
6 अध्यक्षों का चक्रव्यूह
ग्वालियर-चंबल संभाग से ही एक साथ 6 स्थानीय भाजपा नेताओं को निगम-मंडलों में अध्यक्ष पद की कमान सौंप दी गई है। इसे रणनीतिक रूप से सिंधिया के गढ़ में ही उनकी किलेबंदी और प्रभाव को सीमित करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।
क्या बयां कर रही मुलाकात की तस्वीर?
शिवपुरी की इस होटल लॉबी की बैठक को लेकर अंदरखाने से जो खबरें आ रही हैं, वह बेहद दिलचस्प हैं। तस्वीर के हाव-भाव को देखकर ऐसा प्रतीत हो रहा है मानो ज्योतिरादित्य सिंधिया अपनी राजसी मुस्कान के साथ नए प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल से इशारों-इशारों में कह रहे हों कि, संगठन में मुझे और मेरे समर्थकों को घेरने में आपने और दिल्ली दरबार ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। वहीं दूसरी तरफ, अपनी सादगी के लिए पहचाने जाने वाले प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल इस पूरी राजनैतिक गुगली को भांपते हुए मुस्कुराकर आगे बढ़ गए। बहरहाल, कैमरों के सामने दिखी यह मुलाकात आने वाले दिनों में मध्य प्रदेश, खासकर ग्वालियर-चंबल की अंदरूनी राजनीति में क्या रंग लाएगी, इस पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।









