जबलपुर में नगर निगम द्वारा मशीनों और वाहनों की खरीद में बड़े पैमाने पर अनियमितता और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए गए हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान वक्ताओं ने बताया कि जिस गड्ढा खोदने वाली मशीन की वास्तविक कीमत 55 से 60 लाख रुपये थी, उसे लगभग 1 करोड़ 10 लाख रुपये में खरीदा गया,
जिससे निगम को भारी आर्थिक क्षति उठानी पड़ी। इसके अलावा, 40 टिपर वाहन भी बाहरी कंपनियों और बाहरी लोगों के माध्यम से मनमाने दामों पर खरीदे जाने का दावा किया गया है, जबकि इसके लिए टाटा के आधिकारिक डीलरों को नजरअंदाज किया गया।
नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने इस पूरी प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर बिना जवाबदेही तय किए गए ऐसे सौदों से जनता का पैसा बर्बाद हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में महापौर, एमआईसी और नगर सत्ता से जुड़े लोग पूरी तरह संलिप्त हैं। पार्षदों और पत्रकारों के माध्यम से इस भ्रष्टाचार को जनता के सामने लाया गया है, और चेतावनी दी गई है कि शहर के विकास और जनहित के लिए यह लड़ाई आगे भी इसी प्रकार जारी रखी जाएगी।









