रीवा/अरविन्द तिवारी/ गांधी जयंती के अवसर पर रीवा केंद्रीय जेल से आजीवन कारावास की सजा काट रहे सात बंदियों को रिहा किया गया। शासन की निर्धारित रिहाई नीति, सजा में छूट और जेल में बंदियों के आचरण के आधार पर यह रिहाई प्रक्रिया पूरी की गई।
जेल प्रशासन रीवा जेल अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार उपाध्याय के अनुसार, हत्या के मामलों में आजीवन कारावास की सजा काट रहे इन बंदियों ने 14 वर्ष की वास्तविक सजा तथा माफी सहित कुल 20 वर्ष की अवधि पूरी कर ली थी। निर्धारित नियमों और जेल में अच्छे आचरण को ध्यान में रखते हुए शेष सजा में छूट प्रदान कर उन्हें रिहा किया गया।
रिहा होने वाले बंदियों में अमृतलाल बैगा, घोटलाल, श्रीराम बैगा, शंकर प्रसाद, राजेंद्र केवट, गुलाब सिंह गौड़ और बधवानी शामिल हैं। जेल प्रशासन के मुताबिक सभी बंदी अलग-अलग जिलों से संबंधित हैं।
रीवा जेल अधीक्षक डॉ. सतीश कुमार उपाध्याय ने बताया कि गांधी जयंती पर आयोजित इस रिहाई प्रक्रिया के बाद सभी सात बंदी जेल से बाहर निकलकर अपने परिवारों के बीच लौटे। जेल प्रशासन का कहना है कि निर्धारित नीति के तहत सजा पूरी करने के बाद मिली रिहाई से इन बंदियों को सामान्य जीवन में लौटने का अवसर मिलेगा।









