CG Naxalism March Closing: छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का दी गई अत्मसमर्पण की डेडलाइन का असर देखने को मिलने लगा है। सरकार ने नक्सलियों को सरेंडर करने के लिए 31 मार्च आखिरी तारीख दी थी। जिसके बाद अब प्रदेशभर में नक्सलवाद की मार्च क्लोजिंग होना शुरू हो गई है। बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च 2026 को नक्सलवाद खत्म करने की दिशा में बड़ी घोषणा की गई थी। उसी कड़ी में छत्तीसगढ़ तेजी से नक्सल मुक्त राज्य बनने की ओर बढ़ रहा है।
कबीरधाम: डर से विकास तक का सफर
कबीरधाम जिले के जिस गांव में कभी नक्सलियों की आवाजाही और मुठभेड़ों की खबरें आम थीं, वहां अब हालात पूरी तरह बदल चुके हैं। सुरक्षा बलों की लगातार कार्रवाई और सरकारी रणनीति के चलते यह इलाका नक्सल प्रभाव से बाहर निकलकर विकास की राह पर बढ़ रहा है। गांवों में अब दहशत की जगह भरोसा और सामान्य जीवन लौटता दिखाई दे रहा है।
बीजापुर: हथियारों के साथ नक्सलियों का सरेंडर
बीजापुर में डेडलाइन के अंतिम दिन 25 से अधिक नक्सलियों ने 93 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों की निशानदेही पर 14.06 करोड़ रुपये का डंप बरामद, 7.2 किलो सोना (लगभग 11.16 करोड़ रुपये) और करीब 2.90 करोड़ रुपये नकद जब्त किए है। यह अब तक की बड़ी आर्थिक और हथियारों की बरामदगी मानी जा रही है।
दंतेवाड़ा: 5 नक्सलियों का सरेंडर
दंतेवाड़ा में 5 नक्सलियों ने पुलिस और CRPF अधिकारियों के सामने आत्मसमर्पण किया। जिनमें एक 5 लाख का इनामी नक्सली शामिल है। वही 4 महिला नक्सली भी है। कुल 40 छोटे-बड़े हथियार जमा किए गए है। यह सरेंडर “पुनर्वास योजना” के तहत कारली पुलिस लाइन में कराया गया।
नारायणपुर: अबूझमाड़ हुआ नक्सल मुक्त
नारायणपुर से बड़ी खबर सामने आई है, जहां अंतिम सक्रिय नक्सली बिजलू मंडावी ने भी आत्मसमर्पण कर दिया। दो सालों में 42 कैंपों के जरिए अभियान में 129 नक्सली मारे गए। कई बड़े लीडर ढेर, जिसमें बसवा राजू जैसी बड़ी सफलता शामिल है। अबूझमाड़ क्षेत्र को नक्सल मुक्त घोषित किया गया है।
कांकेर: AK-47 के साथ सरेंडर
कांकेर में 2 नक्सलियों ने पुलिस के सामने एके-47 जैसे हथियार के साथ सरेंडर आत्मसमर्पण किया। हिडमे और शंकर नाम सामने आए है। हालांकि जंगलों में अभी भी कुछ नक्सलियों की मौजूदगी की आशंका बनी हुई है।।







