राणापुर/नावेद रज़ा/खबर डिजिटल/नगर में मुस्लिम समाज द्वारा शब-ए-बारात का पर्व श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। हर वर्ष रमज़ान से पूर्व 15 शाबान की रात को मरहूमों (पूर्वजों) की याद में यह पर्व मनाया जाता है।
इस अवसर पर समाजजन कब्रिस्तान पहुंचे, जहां फातिहा पढ़कर मरहूमों की मगफिरत के लिए दुआ की गई। घरों में विभिन्न प्रकार के पकवान बनाकर इसाले सवाब के लिए फातिहा दिलाई गई।
बस स्टैंड स्थित जामा मस्जिद में इशा की नमाज़ के बाद पेश इमाम मुफ्ती हाफिज गुलाम वारसी साहब ने फज़ाइल-ए-शब-ए-बारात पर बयान दिया। उन्होंने बताया कि इस रात इबादत करना और अगले दिन रोज़ा रखना बहुत सवाब का काम है। सूर्यास्त से लेकर सुबह फर्ज तक अल्लाह अपनी रहमत नाज़िल फरमाता है।
बयान के बाद देश में अमन-शांति के लिए विशेष दुआ की गई। इसके पश्चात समाजजन सामूहिक रूप से कब्रिस्तान पहुंचे, जहां फातिहा और दुआ का एहतमाम किया गया।
पर्व को देखते हुए कब्रिस्तान में विशेष साफ-सफाई व प्रकाश व्यवस्था भी की गई थी।









