केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है। उनका कहना है कि पीएम मोदी के विरोध में कांग्रेस इतनी अंधी हो चुकी है कि उसकी सोचने-समझنے और सुनने की ताकत पूरी तरह खत्म हो गई है। चौहान ने पत्रकारों से बात करते हुए यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की बुद्धि अब भ्रष्ट हो गई है और उनका आज का रवैया व भाषा उनके पतन की आखिरी सीमा को पार कर चुकी है।
केंद्रीय कृषि मंत्री का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब कांग्रेस और बाकी विपक्षी पार्टियां मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को वापस लेने और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार को उनके पद से हटाने की मांग को लेकर लगातार प्रदर्शन कर रही हैं।
चौहान ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ विरोध जताते-जताते कांग्रेस के नेताओं ने अपनी अक्ल पर पत्थर मार लिए हैं। उन्होंने तंज कसा कि कांग्रेस जिस तरह की गिरती हुई भाषा बोल रही है, वह उनके राजनीतिक ताबूत में आखिरी कील साबित होगी। इसके अलावा, आने वाले त्योहारों के बीच कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे को आड़े हाथों लेते हुए उन्होंने कहा कि ये लोग अपने फायदे के चक्कर में देश के हितों को दांव पर लगा रहे हैं और आम जनता तथा व्यापारियों की परेशानियों से पूरी तरह मुंह मोड़ चुके हैं।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि विपक्षी गठबंधन 'इंडिया' ने एसआईआर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों का हवाला देते हुए मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर एक नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में एक बड़ी रैली करने का ऐलान किया है। हालांकि, देश के व्यापारियों ने कांग्रेस और विपक्षी दलों से अपील की है कि वे इस रैली को 10 नवंबर के बाद करें। कारोबारियों का तर्क है कि दिवाली और त्योहारों के इस सबसे व्यस्त सीजन में अगर रैली हुई, तो व्यापार बुरी तरह प्रभावित होगा, इसलिए इसे थोड़ा टाल दिया जाना चाहिए।
इस मुद्दे पर शिवराज सिंह चौहान ने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि जब देश का व्यापारी वर्ग और आम लोग यह चाहते हैं कि त्योहारों के इस सीजन में कामकाज सामान्य चले, लोग खुलकर खरीदारी कर सकें और शांति से पर्व मना सकें, तब भी कांग्रेस अपनी जिद पर अड़ी हुई है। उन्होंने साफ शब्दों में आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी को देश की इकॉनमी, आम नागरिकों या देश की भलाई से कोई लेना-देना नहीं है। उनके लिए सिर्फ उनका खुद का राजनीतिक स्वार्थ ही सबसे ऊपर है और बाकी सब उनके लिए बेमानी है।









