सीधी/ब्रजेश पांडेय/खबर डिजिटल/ हिन्दू जागरण मंच के प्रांत संयोजक एवं सीधी निवासी सुमित जायसवाल महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कथित आपत्तिजनक फोटो-वीडियो के बाद विवादों में घिर गए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संगठन ने बड़ा निर्णय लेते हुए उन्हें फिलहाल सभी संगठनात्मक पदों और जिम्मेदारियों से मुक्त कर दिया है। संगठन ने स्पष्ट किया है कि जांच पूरी होने तक सुमित जायसवाल को केवल साधारण कार्यकर्ता के रूप में ही संगठन से जोड़ा जाएगा।
हिंदू जागरण मंच ने दिया सफाई
हिन्दू जागरण मंच की प्रांत इकाई के अनुसार, हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें, वीडियो और कंटेंट सामने आए हैं, जिनमें सुमित जायसवाल का नाम सीधे तौर पर जोड़ा जा रहा है। इन तथ्यों की प्रामाणिकता की जांच अभी जारी है, लेकिन संगठन की मर्यादा, अनुशासन और छवि को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।
पिछले माह में लिया गया था निर्णय
प्रांत संचालक अनूप सिंह (जबलपुर) ने बताया कि लगभग एक माह पूर्व संगठन की बैठक में सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया था कि जब तक पूरा मामला स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक सुमित जायसवाल को किसी भी प्रकार की संगठनात्मक जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। बीते एक माह से वे मंच की किसी भी सक्रिय भूमिका में नहीं हैं।
महिलाओं द्वारा लगाए गए गंभीर आरोप
इस मामले में महिलाओं द्वारा लगाए गए आरोपों को बेहद गंभीर माना जा रहा है। सीधी की एक महिला, जो स्वयं को हिन्दू जागरण मंच की पूर्व पदाधिकारी बताती हैं, ने सुमित जायसवाल पर मारपीट, गाली-गलौज, छेड़छाड़ तथा मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना के आरोप लगाते हुए सीधी कोतवाली और पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी है। वहीं, एक अन्य महिला ने सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के माध्यम से आरोप लगाया है कि सुमित जायसवाल ने रात के समय रास्ता रोककर अभद्रता की, गलत नीयत से पकड़ने का प्रयास किया और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया। महिला ने निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग की है।
वायरल फोटो-वीडियो से बढ़ा बवाल
सोशल मीडिया पर हाल ही में सुमित जायसवाल से जुड़ी कुछ कथित आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल हुए हैं। इनको लेकर स्थानीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर लगातार चर्चाएं हो रही हैं, जिससे मामला और अधिक तूल पकड़ता जा रहा है।
आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच जारी
आरोप लगाने वाले पक्ष का कहना है कि सुमित जायसवाल ने संगठन की पदवी और पहचान का दुरुपयोग किया, जबकि उनके समर्थक इन आरोपों को साजिश बताते हुए खारिज कर रहे हैं। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, एक महिला की शिकायत पर अभद्रता व छेड़छाड़ से संबंधित प्रकरण दर्ज किए जाने की चर्चा है, हालांकि पुलिस स्तर पर आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही की जाएगी।
जांच रिपोर्ट के बाद होगा अंतिम फैसला
प्रांत संचालक अनूप सिंह ने स्पष्ट किया है कि संगठन किसी भी मामले में जल्दबाजी में निर्णय नहीं लेता। जांच रिपोर्ट, पुलिस कार्रवाई और तथ्यों के आधार पर ही आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। आरोप सही पाए जाने पर संगठन स्तर पर कठोर निर्णय लिया जाएगा।
सुमित जायसवाल का क्या है कहना
वहीं, पद से हटाए जाने को लेकर सुमित जायसवाल का कहना है कि उन्हें इस संबंध में कोई जानकारी नहीं है और वे इस विषय पर फिलहाल कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते।









