Mohan Cabinet Expansion: मध्य प्रदेश के राजनैतिक गलियारों से इस वक्त की सबसे बड़ी, चौंकाने वाली खबर सामने आ रही है। मोहन कैबिनेट के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी ही सरकार के खिलाफ बड़ा हमला बोला है। मंत्री विजयवर्गीय ने सीएम मोहन यादव को एक पत्र लिखकर इंदौर के साथ हो रही अनदेखी को लेकर विरोध दर्ज कराया है।
कैलाश के पत्र में क्या?
पत्र में साफ तौर पर आपत्ति जताई गई है कि इंदौर के विकास से जुड़े मास्टर प्लान को लगातार ढिलाई बरती जा रही है, जिससे शहर की रफ्तार थम सी गई है। मंत्री ने सवाल उठाए हैं कि आगामी उज्जैन सिंहस्थ महाकुंभ के बड़े कार्यों को इंदौर अंचल में क्यों नहीं किया जा रहा है? इंदौर को इससे विधिक रूप से दूर रखने पर उन्होंने नाराजगी जताई है। इंदौर इंटरनेशनल एयरपोर्ट के रनवे और टर्मिनल विस्तार की रुकी हुई फाइलों को लेकर भी उन्होंने सीएम का ध्यान आकर्षित करते हुए तत्काल प्रशासनिक एक्शन की मांग की है। कैलाश विजयवर्गीय ने अपनी ही सरकार के आला अफसरों को कटघरे में खड़ा करते हुए जताया है कि देश के सबसे स्वच्छ और प्रदेश के सबसे बड़े व्यावसायिक महानगर इंदौर के विकास कार्यों की अनदेखी को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
मंत्रिमंडल और संगठन में मची खलबली
राजनैतिक जानकारों का कहना है कि संभावित मोहन मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहटों के बीच कैलाश विजयवर्गीय जैसी कद्दावर शख्सियत का यह रुख मुख्यमंत्री सचिवालय के लिए एक बड़ी रणनीतिक चुनौती बन सकता है। इस लेटर बम के सामने आने के बाद जहां विपक्षी खेमे को सरकार के अंदर चल रही कसमकस पर हमला करने का बड़ा हथियार मिल गया है, वहीं इंदौर और भोपाल के बीजेपी नेताओं के बीच भी बंद कमरों में बैठकों का दौर शुरू हो चुका है। अब देखना दिलचस्प होगा कि इस पत्र पर मुख्यमंत्री मोहन यादव की तरफ से क्या प्रतिक्रिया सामने आती है।









