Mohan Cabinet Expansion: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली मध्य प्रदेश सरकार में जल्द ही एक बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार के ढाई साल पूरे होने के बाद अब मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं गलियारों में आम हैं। सूत्रों की मानें तो यह महज एक सामान्य विस्तार नहीं, बल्कि एक सियासी सुनामी होगी जो कई मौजूदा मंत्रियों के पदों को बहा ले जा सकती है।
रिपोर्ट तय करेगी मंत्रियों का भविष्य
जानकारी के अनुसार, वर्तमान में सभी विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा की जा रही है। जिन मंत्रियों की रिपोर्ट कार्ड खराब है या जिनका प्रदर्शन उम्मीदों के मुताबिक नहीं रहा, उनकी विदाई लगभग तय मानी जा रही है। मुख्यमंत्री के लगातार दिल्ली दौरों ने इन कयासों को और पुख्ता कर दिया है कि संगठन और सरकार अब बड़े बदलाव के लिए तैयार हैं।
विंध्य में क्षत्रिय कार्ड
इस संभावित फेरबदल में विंध्य क्षेत्र पर खास फोकस रहने की उम्मीद है। विंध्य को भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है, लेकिन वर्तमान प्रतिनिधित्व को लेकर क्षेत्रीय स्तर पर असंतोष की खबरें हैं। चर्चा है कि विंध्य से एक और क्षत्रिय नेता को मंत्रिमंडल में स्थान दिया जा सकता है ताकि क्षेत्रीय और जातीय समीकरणों को साधा जा सके। इतना ही नही ग्वालियर-चंबल, मालवा और महाकौशल से भी एक-एक नए चेहरे को शामिल कर सरकार सोशल इंजीनियरिंग का फॉर्मूला अपनाएगी, जिसका सीधा लक्ष्य आगामी चुनावों में बढ़त बनाना होगा।
कई मंत्रियों पर गिर सकती है गाज
सूत्रों का दावा है कि अगर मंत्रिमंडल का विस्तार होता है, तो लगभग 12 मंत्रियों की छुट्टी हो सकती है और उतने ही नए विधायकों को मंत्री बनने का मौका मिल सकता है। वर्तमान में कैबिनेट में मुख्यमंत्री सहित 31 सदस्य हैं, जबकि 4 पद अब भी रिक्त हैं।









