डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ MP ASHA Workers Protest: मध्यप्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा, ऊषा और आशा पर्यवेक्षक कार्यकर्ताओं ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी प्रदर्शन किया है। आशा-ऊषा-आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन (सीटू) ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को ज्ञापन सौंपकर प्रोत्साहन राशि के नियमित भुगतान, वेतन वृद्धि और अन्य मांगों के निराकरण की मांग की है।
यूनियन का कहना है कि प्रदेशभर में कार्यरत आशा और आशा पर्यवेक्षकों को कई महीनों तक प्रोत्साहन राशि का भुगतान नहीं किया जाता है। कई मामलों में भुगतान में कटौती और अनियमितता की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। कार्यकर्ताओं का आरोप है कि उन्हें समय पर भुगतान नहीं मिलने से आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

आशा कार्यकर्ताओं की ये है मांग
यूनियन ने मांग की है कि आशा एवं पर्यवेक्षकों की प्रोत्साहन राशि का भुगतान प्रत्येक माह की 5 तारीख तक नियमित रूप से और बिना किसी कटौती के सुनिश्चित किया जाए। साथ ही वेतन भुगतान में पारदर्शिता लाने के लिए वेतन पर्ची जारी करने की व्यवस्था भी लागू की जाए।
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि आशा कार्यकर्ताओं से कई बार गैर-विभागीय कार्य कराए जाते हैं, जिनके लिए अतिरिक्त भुगतान नहीं किया जाता। आयुष्मान कार्ड निर्माण जैसे कार्यों में स्वयं खर्च वहन करने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
यूनियन ने आशाओं के लिए न्यूनतम 26 हजार रुपये वेतन निर्धारित करने, राज्य सरकार की ओर से तत्काल 10 हजार रुपये मासिक मानदेय देने, रिक्त पदों पर भर्ती करने और सेवा समाप्ति संबंधी मामलों में उचित प्रक्रिया अपनाने की मांग भी उठाई है।

यूनियन नेताओं का कहना है कि आशा कार्यकर्ता स्वास्थ्य विभाग की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी हैं और मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जनस्वास्थ्य अभियानों सहित अनेक योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। ऐसे में उनकी समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाना चाहिए।
प्रदेशव्यापी प्रदर्शन के माध्यम से आशा, ऊषा और आशा पर्यवेक्षक एकता यूनियन ने सरकार से मांगों पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह किया है।









