अरविंद तिवारी/ खबर डिजिटल/रीवा/ जिले से मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है, जहां एक गुरु ने ही शिष्य की गरिमा को ठेस पहुंचाने का प्रयास किया। बैकुंठपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय मझगवां में पदस्थ शिक्षक (PTI) सुखदेव सिंह ने शिक्षा के मंदिर को कलंकित कर दिया। आरोपी शिक्षक ने स्कूल की एक नाबालिग छात्रा को खेलकूद प्रतियोगिता में शामिल कराने का झांसा दिया और उसे विश्वास में लेकर रीवा स्थित एक होटल पहुंचा।
होटल प्रबंधन की गंभीर लापरवाही
इस घिनौने कृत्य में होटल मैनेजर की भूमिका भी उतनी ही संदिग्ध और गैर-जिम्मेदाराना रही। आरोपी शिक्षक जब छात्रा को लेकर होटल पहुंचा, तो मैनेजर अशोक वाधवानी ने नियमों को ताक पर रख दिया। बिना किसी वैध पहचान पत्र (ID) की जांच किए और न ही छात्रा की उम्र की पुष्टि किए, सिर्फ पैसों के लालच में मैनेजर ने उन्हें कमरा उपलब्ध करा दिया। होटल संचालकों की ऐसी लापरवाही अपराधियों के हौसले बुलंद करती है।
साहस और दरिंदगी की दास्तां
होटल के बंद कमरे में शिक्षक सुखदेव सिंह ने अपनी ही छात्रा के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। हालांकि, छात्रा ने हिम्मत नहीं हारी और किसी तरह खुद को संघर्ष कर कमरे से बाहर निकाला। बदहवास छात्रा ने जब इस घटना की शिकायत होटल मैनेजर से की, तो मदद करने के बजाय अशोक वाधवानी ने उसे डराया-धमकाया और होटल से बाहर निकाल दिया।
पुलिस की कार्रवाई
पीड़िता ने घर पहुंचकर परिजनों को आपबीती सुनाई, जिसके बाद थाने में मामला दर्ज कराया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी पीटीआई और होटल मैनेजर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना न केवल शिक्षकों की मानसिकता पर गहरा आघात है, बल्कि होटलों में सुरक्षा नियमों की अनदेखी को भी उजागर करती है। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से कड़ी पूछताछ कर रही है। समाज को सोचने की जरूरत है कि आखिर हमारी बेटियां सुरक्षित कहाँ हैं?









