सिवनी/खबर डिजिटल/संतोष वन्देवार/ जिला शिक्षा केंद्र सिवनी के अंतर्गत आने वाले शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कान्हीवाड़ा में प्रभारी प्राचार्य और चपरासी की घोर लापरवाही और मनमानी का मामला सामने आया है। स्कूल प्रबंधन की इस बेरुखी के कारण गिरते पानी (बारिश) के बीच आधे से ज्यादा शिक्षकों और छात्र-छात्राओं को स्कूल परिसर के मुख्य गेट के बाहर घंटों खड़े रहकर इंतजार करना पड़ा।
मुख्यालय से नदारद रहते हैं कर्मचारी
मिली जानकारी के अनुसार, स्कूल का गेट समय पर नहीं खोला गया, जिसके चलते दूर-दराज से आने वाले बच्चों और स्टाफ को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि इस हायर सेकेंडरी स्कूल में पदस्थ चपरासी नियम विरुद्ध तरीके से मुख्यालय से बाहर रहते हैं, जिसके कारण स्कूल समय पर खुलने और बंद होने की व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
30 से 35 किलोमीटर का सफर कर पहुंचते हैं शिक्षक
हैरानी की बात यह है कि स्कूल में पदस्थ आधे से अधिक शिक्षक रोजाना 30 से 35 किलोमीटर की लंबी दूरी तय करके अप-डाउन समय पर स्कूल पहुंचते हैं। लेकिन प्रभारी प्राचार्य की लचर प्रशासनिक व्यवस्था और चपरासी की मनमानी के कारण, कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों और पढ़ाई के लिए उत्सुक छात्र-छात्राओं को बारिश के मौसम में भी स्कूल के बाहर खड़े होकर प्रताड़ित होना पड़ रहा है।
कलेक्टर और डीईओ से सख्त कार्रवाई की गुहार
ग्रामीणों, पालकों और पीड़ित छात्रों ने इस पूरी अव्यवस्था पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। स्थानीय नागरिकों ने जिला शिक्षा अधिकारी सिवनी और संवेदनशील जिला कलेक्टर नेहा मीना से इस गंभीर मामले का तत्काल संज्ञान लेने का अनुरोध किया है। मांग की जा रही है कि कर्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने वाले प्रभारी प्राचार्य और मुख्यालय से नदारद रहने वाले चपरासी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में छात्रों के भविष्य और गरिमा के साथ ऐसा खिलवाड़ न हो।









