Surguja Olympics: अंबिकापुर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान विष्णुदेव साय ने खेल, नक्सलवाद और विकास को लेकर कई घोषणाएं कीं। सीएम ने कहा कि यह मां महामाया की पवित्र भूमि है और उनकी कृपा पूरे छत्तीसगढ़ पर बनी रहे। सीएम ने बताया कि बस्तर में पहले से ओलंपिक का आयोजन हो रहा था, लेकिन सरगुजा में नहीं होने से लोग निराश थे। इसी को देखते हुए “सरगुजा ओलंपिक” आयोजित करने का निर्णय लिया गया है।
नक्सल पर बोले सीएम साय
बस्तर क्षेत्र को प्राकृतिक रूप से सुंदर बताते हुए सीएम ने कहा कि यह इलाका 40 वर्षों से नक्सलवाद से प्रभावित रहा है। डबल इंजन सरकार ने 31 मार्च तक नक्सलवाद खत्म करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने जवानों के साहस की सराहना करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री का सपना पूरा हो रहा है।
खिलाड़ियों के लिए बड़ी घोषणाएं
सीएम साय ने अपने संबोधन में कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम योजनाएं ला रही है। उन्होंने आगे कहा कि ओलंपिक में भाग लेने वाले खिलाड़ियों को 21 लाख, गोल्ड मेडल 3 करोड़, सिल्वर मेडल 2 करोड़, ब्रॉन्ज मेडल 1 करोड़ दिए जाएंगे। इसके अलावा पंडरापाठ में 20 करोड़ से आर्चरी अकादमी की स्थापना की जाएगी। सीएम ने कहा कि राज्य में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है और सरकार खिलाड़ियों को हर संभव सहयोग दे रही है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स की मेजबानी
सीएम साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ को “खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स” की मेजबानी का अवसर मिला है, जिसका शुभारंभ 25 मार्च को केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया करेंगे। कुछ खेलों का आयोजन सरगुजा में भी होगा।
नए कानूनों पर बयान
सीएम ने नए कानूनों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि धर्म स्वतंत्रता बिल पास किया गया है, जबरन धर्म परिवर्तन पर सख्त कार्रवाई होगी। परीक्षा में गड़बड़ी पर कड़ी सजा का प्रावधान किया गया है। भर्ती प्रक्रिया को सरल बनाने के प्रयास जारी है।
बबीता फोगाट का बयान
कार्यक्रम में पहुंचीं बबीता फोगाट ने खिलाड़ियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सरगुजा में इतना बड़ा आयोजन सराहनीय है। लड़कियों की भागीदारी देखकर खुशी हुई। मेहनत से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
“नशा करना है तो खेल का करें और देश के लिए गोल्ड मेडल जीतने का जुनून रखें”।









