राजगढ़: जिले मेंर्माणाधीन पार्वती डैम और सुठालिया सिंचाई परियोजना के डूब प्रभावित किसानों का आंदोलन तेज हो गया है। अपनी 9 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रभावित किसानों ने मंगलवार से सुठालिया मऊ चौराहे से एक विशाल रैली निकालकर धरना स्थल पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू कर दी है। नर्मदा बचाओ आंदोलन की प्रमुख और समाजसेवी मेधा पाटकर ने राजगढ़ पहुंचकर इस आंदोलन को अपना समर्थन दिया है।
नियमों को दरकिनार करने का आरोप
धरना प्रदर्शन के दौरान मेधा पाटकर ने प्रशासन पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नियमों को दरकिनार कर किसानों का हक मारा जा रहा है। डूब प्रभावित ग्रामीण लंबे समय से अपनी भूमि, मकान और अन्य परिसंपत्तियों के उचित एवं समान मुआवजे तथा पुनर्वास की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। प्रशासन को पूर्व में भी ज्ञापन सौंपकर चेतावनी दी गई थी, लेकिन मांगें पूरी न होने पर किसानों को यह कड़ा कदम उठाना पड़ा है।
कलेक्टर से हुई बातचीत, आश्वासन के बाद भी हड़ताल जारी
आंदोलन के दौरान मेधा पाटकर ने राजगढ़ कलेक्टर से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर गंभीर चर्चा की। कलेक्टर ने मांगों के निराकरण को लेकर आश्वासन दिया है, लेकिन किसानों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन पूरी मजबूती के साथ जारी रहेगा।
प्रमुख बिंदु:
मुख्य मुद्दा: सुठालिया सिंचाई परियोजना और पार्वती डैम के डूब प्रभावित किसानों का उचित मुआवजा और पुनर्वास।
प्रमुख मांगें: भूमि, मकान और अन्य परिसंपत्तियों के मुआवजे से जुड़ी 9 सूत्रीय मांगें।
मुख्य उपस्थिति: नर्मदा बचाओ आंदोलन की नेता मेधा पाटकर, किसान एवं समाजसेवी जयपाल सिंह खींची।
वर्तमान स्थिति: प्रशासन की ओर से आश्वासन मिलने के बावजूद किसानों की भूख हड़ताल और धरना प्रदर्शन जारी है।









