IPS VS MP Sarkar: मध्य प्रदेश की राजनीति में एक नया संकट खड़ा होता दिखाई देने लगा है। शिवपुरी के करैरा में पदस्थ युवा आईपीएस अधिकारी डॉ. आयुष जाखड़ के खिलाफ भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी की अभद्र टिप्पणी ने प्रशासनिक अमले को नाराज कर दिया है। IPS संघ ने मामले में अपना विरोध दर्ज कराते हुए चेतावनी दी है कि प्रशासनिक गरिमा के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
IPS एसोसिएशन की दो-टूक
विधायक द्वारा आईपीएस अधिकारी को दी गई धमकी और अमर्यादित भाषा के विरोध में एसोसिएशन ने प्रेस नोट जारी किया है। संघ का कहना है कि किसी भी जनप्रतिनिधि द्वारा ड्यूटी पर तैनात अधिकारी के लिए ऐसी भाषा का प्रयोग लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। संगठन ने सरकार से विधायक के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है और यह भी कहा गया है कि इस तरह के व्यवहार से फील्ड में काम करने वाले अधिकारियों का मनोबल गिरता है।
विधायक का बेटा और वो थार
पूरा विवाद तब शुरू हुआ जब विधायक प्रीतम लोधी के बेटे दिनेश लोधी पर अपनी बिना नंबर वाली महिंद्रा थार से 5 लोगों को टक्कर मारने का आरोप लगा। एसडीओपी आयुष जाखड़ ने कानून के तहत कार्रवाई करते हुए दिनेश लोधी को हिरासत में लिया। बेटे की गिरफ्तारी से नाराज विधायक ने पुलिस अधिकारी को सरेआम बाप की जागीर जैसे शब्दों से नवाजा और इसे एक साजिश करार दिया।
सरकार की चुप्पी
हैरानी की बात यह है कि पुलिस सेवा संघ की चेतावनी के बाद भी अब तक सरकार या भाजपा संगठन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। राजनीतिक पंडितों का मानना है कि प्रदेश की करीब 40 विधानसभा सीटों पर लोधी समाज का खासा प्रभाव है। प्रीतम लोधी के खिलाफ कार्रवाई करने से पार्टी का एक बड़ा वोट बैंक नाराज हो सकता है। सरकार इस वक्त वैसी ही दुविधा में दिख रही है, जैसी कभी विजय शाह के मामले में देखी गई थी।
प्रशासनिक खेमे में सुगबुगाहट
आईपीएस संघ के साथ-साथ अब IAS एसोसिएशन ने भी इस मामले में अपना समर्थन और चिंता व्यक्त की है। यदि सरकार ने जल्द ही कोई सख्त कदम नहीं उठाया, तो प्रशासन और सत्ता के बीच यह खाई और चौड़ी हो सकती है।










