MP Nigam Mandal: मध्य प्रदेश में राजनीतिक नियुक्तियों का इंतजार खत्म होने वाला है। आगामी चुनावों और महिला वोट बैंक को साधने की रणनीति के तहत बीजेपी संगठन अब निगम, मंडल और प्राधिकरणों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने जा रहा है। केंद्रीय नेतृत्व के निर्देश पर अब इन नियुक्तियों में केवल पुरुषों का वर्चस्व नहीं रहेगा, बल्कि महिला चेहरों को आगे लाया जाएगा।
पद नहीं, पावर देने की तैयारी
सूत्रों के मुताबिक, बीजेपी इस बार केवल नियुक्तियां नहीं करना चाहती। पार्टी का लक्ष्य शासन-प्रशासन के पदों पर महिला कार्यकर्ताओं को बैठाना है। इसके पीछे मुख्य कारण महिला मतदाताओं के बीच यह संदेश देना है कि बीजेपी जमीनी स्तर से लेकर सत्ता तक महिलाओं को प्रोत्साहित कर रही है। वर्तमान में प्रदेश में 27 महिला विधायक और 6 महिला सांसद हैं, लेकिन अब निगम-मंडलों के जरिए संगठन की अन्य सक्रिय महिला नेताओं को भी पद देकर आगे लाना चाहती है।
इन महिलाओं के नाम पर बनी सहमति!
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि नियुक्तियों की नई सूची में कई अनुभवी और सक्रिय महिला नेताओं के नाम शामिल किए गए हैं।
अर्चना चिटनिस (बुरहानपुर)
इमरती देवी (ग्वालियर-डबरा)
नेह बग्गा (प्रवक्ता)
रीति पाठक (सीधी)
मालिनी गौड़ (इंदौर)
नीलिमा दांडे
निधि बंग
माया पटेल (देवास)
आभा गुप्ता (पन्ना)
डॉ. युक्ति जाड़िया (सागर)
लीना जैन (गंजबासौदा)
ज्योति शाह (विदिशा)
मिशन 2028 और महिला कार्ड
नारी शक्ति वंदन विधेयक के बाद बीजेपी महिला सशक्तिकरण के मुद्दे को ठंडा नहीं होने देना चाहती। मध्य प्रदेश में लाड़ली बहना के बाद अब लाड़ली नेता मॉडल के जरिए संगठन को और मजबूत करने की योजना है। प्रदेश कार्यसमिति में भी महिलाओं की संख्या बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है।









