भोपाल। एक्ट्रेस-मॉडल ट्विशा शर्मा की मौत के मामले में सोमवार को न्यायिक स्तर पर महत्वपूर्ण घटनाक्रम देखने को मिल सकता है। मामले से जुड़ी अलग-अलग याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट, मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और भोपाल जिला अदालत में सुनवाई निर्धारित है। जांच की निष्पक्षता, अग्रिम जमानत और सबूतों के संरक्षण जैसे मुद्दे अदालतों के सामने रहेंगे।
सुप्रीम कोर्ट में क्या होगी सुनवाई?
सुप्रीम कोर्ट ने मामले का स्वत: संज्ञान लेते हुए सुनवाई शुरू करने का फैसला किया है। चीफ जस्टिस सूर्याकांत की अगुआई वाली बेंच संस्थागत पक्षपात, जांच की पारदर्शिता, पुलिस कार्रवाई और अस्पताल की भूमिका से जुड़े पहलुओं पर विचार करेगी।
रजिस्ट्री ने कोर्ट को बताया था कि मीडिया रिपोर्ट्स और मामले से जुड़े घटनाक्रमों के चलते जांच की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। इसके बाद मामले को सुओ मोटू आपराधिक याचिका के रूप में दर्ज करने का प्रस्ताव मंजूर किया गया।

हाईकोर्ट में जमानत पर सुनवाई
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में ट्विशा की सास और रिटायर्ड जिला जज गिरीबाला सिंह को मिली अग्रिम जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई प्रस्तावित है। यह याचिकाएं राज्य सरकार और ट्विशा के पिता की ओर से दायर की गई हैं। हालांकि कानूनी जानकारों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट में चल रही कार्यवाही को देखते हुए हाईकोर्ट सुनवाई स्थगित कर सकता है।
जिला अदालत में सबूत सुरक्षित रखने की मांग
भोपाल जिला अदालत में ट्विशा के पति समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह की 12 मई से 20 मई तक की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) तथा भोपाल एम्स के CCTV फुटेज सुरक्षित रखने संबंधी आवेदन पर सुनवाई होगी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि जांच के लिए ये साक्ष्य महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मौत को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे
ट्विशा की मौत को लेकर दोनों पक्षों के दावे अलग हैं। ससुराल पक्ष इसे आत्महत्या बता रहा है, जबकि मायके पक्ष ने पति और ससुरालवालों पर हत्या का आरोप लगाया है। ऐसे में आज की सुनवाई को मामले की जांच दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
ये खबर भी पढ़ें..









