मध्य प्रदेश के Ujjain में नगर निगम स्वच्छता को बढ़ावा देने के लिए एक अनोखी पहल शुरू करने जा रहा है. शहर में जल्द ही तीन कचरा कैफे खोले जाएंगे, जहां लोग कचरे के बदले चाय, कॉफी, नाश्ता और अन्य उपयोगी सामान प्राप्त कर सकेंगे. नगर निगम का मानना है कि इससे लोगों में साफ-सफाई के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और कचरे की उपयोगिता को लेकर नई सोच विकसित होगी.
अब कचरे के बदले मिलेगा खाना
नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने बताया कि इस योजना का मुख्य उद्देश्य कचरे की आर्थिक उपयोगिता को बढ़ाना है. इसके तहत शहर के अलग-अलग स्थानों पर विशेष कैफे बनाए जाएंगे, जहां नागरिक सूखा कचरा, प्लास्टिक वेस्ट और घरेलू हानिकारक कचरा जमा कर सकेंगे. बदले में लोगों को डिजिटल क्वाइन दिए जाएंगे. इन क्वाइनों का उपयोग खाने-पीने की चीजें लेने के साथ अन्य जरूरी सामान खरीदने में भी किया जा सकेगा.
रोजगार के अवसर होंगे पैदा
नगर निगम के अनुसार यह पहल केवल स्वच्छता अभियान तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि रोजगार के अवसर भी पैदा करेगी. खास तौर पर महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को इन कैफे के संचालन में प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए नगर निगम कुछ शर्तों के आधार पर एजेंसी या समूह का चयन करेगा. जो समूह सबसे अधिक रॉयल्टी देने को तैयार होगा, उसे संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी.
निगम की क्या है पहल
नगर निगम ने यह भी स्पष्ट किया है कि कैफे संचालन करने वाले समूह को अलग से कोई भुगतान नहीं किया जाएगा. निगम केवल बिजली और पानी की सुविधा उपलब्ध कराएगा. बाकी संचालन और व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित समूह को ही संभालनी होगी. शहर में तीन प्रमुख स्थानों पर कचरा कैफे शुरू करने की तैयारी की गई है. पहला कैफे फ्रीगंज क्षेत्र में सेठी बिल्डिंग के सामने खोला जाएगा. दूसरा नानाखेड़ा बस स्टैंड के पास और तीसरा महाकाल मंदिर के पीछे चारधाम पार्किंग क्षेत्र में शुरू होगा. नगर निगम का मानना है कि इन स्थानों पर लोगों की आवाजाही अधिक रहती है, इसलिए योजना को अच्छा प्रतिसाद मिल सकता है.
सख्त नियम तय
नगर निगम प्रशासन ने संचालन में पारदर्शिता और अनुशासन बनाए रखने के लिए सख्त नियम भी तय किए हैं. कैफे चलाने वाले समूहों को हर महीने तय समय पर रॉयल्टी जमा करनी होगी. यदि किसी प्रकार की शिकायत मिलती है तो उसकी जांच की जाएगी. गड़बड़ी पाए जाने पर पहले नोटिस जारी किया जाएगा और संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर अनुबंध समाप्त करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है. नगर निगम अधिकारियों का कहना है कि इस योजना की लगातार निगरानी की जाएगी ताकि कचरा कैफे सही तरीके से संचालित हो सके.
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