उज्जैन/खबर डिजिटल/ उज्जैन से इस वक्त की बड़ी खबर सामने आई है। पुराने महाकाल थाने के समीप स्थित सम्राट विक्रमादित्य हेरिटेज होटल के पास मौजूद ऐतिहासिक महाकाल द्वार अचानक भरभराकर गिर गया। यह प्राचीन द्वार करीब 14वीं शताब्दी का बताया जा रहा है और लंबे समय से उज्जैन की ऐतिहासिक विरासत का हिस्सा रहा है। ताजा रिपोर्टों के मुताबिक, द्वार के आसपास निर्माण और गहरी खुदाई का काम भी चल रहा था।
पुराने शहर से जोड़ने वाला रास्ता
बताया जाता है कि यह प्राचीन द्वार महाकाल मंदिर क्षेत्र को पुराने शहर से जोड़ने वाले मार्ग का महत्वपूर्ण हिस्सा था। श्रद्धालु चढ़ाव के रास्ते इस द्वार से होकर महाकाल मंदिर से पुराने शहर की ओर आते-जाते थे। द्वार पर भगवान गणेश की प्रतिमाएं भी स्थापित थीं, जिसके चलते इसका धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व और बढ़ जाता था।
निर्माण कार्यों का असर
द्वार के आसपास लगातार चल रहे निर्माण और विकास कार्यों के बीच इसके धराशायी होने से ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। सामने आई जानकारी के अनुसार, द्वार के समीप भारी मशीनों से खुदाई का काम किया जा रहा था और पर्याप्त सुरक्षात्मक उपायों को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।
कोई जनहानि नहीं
गनीमत रही कि द्वार गिरने के दौरान वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना की जानकारी मिलते ही संबंधित अधिकारी मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। अब इस ऐतिहासिक संरचना के गिरने के कारणों और निर्माण कार्य के दौरान अपनाए गए सुरक्षा इंतजामों को लेकर जांच की मांग उठ रही है।
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गंभीर चिंता का विषय
उज्जैन में महाकाल मंदिर के आसपास विकास और निर्माण कार्यों के बीच एक प्राचीन ऐतिहासिक द्वार का गिरना शहर की विरासत और उसके संरक्षण को लेकर गंभीर चिंता का विषय बन गया है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ऐतिहासिक संरचना के संरक्षण को लेकर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।









