मध्य प्रदेश के उज्जैन में सड़क चौड़ीकरण और शाही मस्जिद को लेकर चल रही खींचतान के बीच मध्य प्रदेश वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष सनवर पटेल ने स्थिति पूरी तरह साफ कर दी है. उन्होंने स्पष्ट किया है कि मस्जिद को न तो कोई नुकसान पहुंचाया जा रहा है और न ही इसे कहीं और शिफ्ट किया जा रहा है. चौड़ीकरण के रास्ते में मस्जिद का जो हिस्सा आ रहा है, उसे प्रशासन नहीं बल्कि मस्जिद कमेटी और मुस्लिम समाज के लोग आपसी सहमति से खुद ही हटा रहे हैं.
सनवर पटेल ने बताया कि इस मामले को लेकर प्रशासनिक अधिकारियों, शहर काजी और मुस्लिम समाज के प्रबुद्ध लोगों के बीच एक बैठक हुई थी. इस बैठक में सर्वसम्मति से फैसला लिया गया था कि सड़क के रास्ते में आने वाले ढांचे को हटाने का काम समाज के लोग स्वयं करेंगे ताकि किसी तरह की गलतफहमी या विवाद न हो. उसी तय रणनीति के तहत यह पूरी कार्रवाई की जा रही है.
ओवैसी के बयान पर पलटवार और वक्फ कानून को न घसीटने की अपील
एआईएमआईएम (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी द्वारा दिए गए बयान पर निशाना साधते हुए सनवर पटेल ने कहा कि उन्होंने बिना वजह इस स्थानीय मामले को नए वक्फ कानून से जोड़कर पेश किया है. उन्होंने कहा कि जब मस्जिद हटाई ही नहीं जा रही है, तो इसे लेकर बेवजह का भ्रम फैलाना गलत है. उन्होंने आम जनता और समाज के लोगों से अपील की कि वे किसी के बहकावे में न आएं, शांति बनाए रखें और इस विवाद में वक्फ कानून को जबरन बीच में न लाएं.
कोर्ट गए थे समाज के लोग, जनहित में बनी दुकानों और मीनार के हिस्से पर सहमति
वक्फ बोर्ड अध्यक्ष ने आगे जानकारी दी कि मस्जिद कमेटी और पंच मोचीयान समाज पहले इस मुद्दे को लेकर अदालत भी गया था. हालांकि बाद में शहर के विकास और जनहित को ध्यान में रखते हुए बैठक में एक नया रास्ता निकाला गया. इसके तहत सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रही कुछ दुकानों और मीनार के सीमित हिस्से को हटाने पर सभी पक्ष सहमत हुए थे. इसके साथ ही उन्होंने बाहर से आकर माहौल खराब करने वाले और भ्रामक जानकारियां फैलाने वाले तत्वों को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि ऐसी हरकतों से बाज आएं, वरना प्रशासन उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाएगा.









