भोपाल/ खबर डिजिटल/ उज्जैन सिंहस्थ 2028 की तैयारियां तेजी से चल रहा है। सिंहस्थ कुंभ मेले में किसी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो इसके लिए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव लगातार सिंहस्थ कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं। सिंहस्थ 2028 को लेकर MP CM Mohan Yadav ने साफ तौर पर कह दिया है कि गुणवत्ता के साथ समय पर सिंहस्थ के सभी विकास कार्य पूर्ण किये जाएं। साथ ही, सिंहस्थ 2028 के लिए अनुभवी लोगों से चर्चा कर कार्ययोजना बनाने में उनकी मदद ली जाए इसके भी निर्देश दिए हैं।
उज्जैन में कुंभ मेला 27 मार्च से 27 मई 2028 तक
MP CM Mohan Yadav ने उज्जैन सिंहस्थ 2028 को लेकर कहा कि सिंहस्थ महापर्व का आयोजन विश्व के लिए अद्वितीय है। सिंहस्थ महापर्व के दौरान करोड़ों श्रद्धालु मोक्षदायिनी शिप्रा में आस्था की डुबकी लगाएंगे। इस महापर्व के आयोजन पर विश्व की निगाह रहेगी। सिंहस्थ-2028 मध्यप्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन है। हमारी प्राथमिकता होनी चाहिए कि प्रत्येक श्रद्धालु बिना किसी असुविधा के पवित्र अनुष्ठानों में शामिल हो सके। बतादें कि मध्य प्रदेश के उज्जैन में कुंभ मेला 27 मार्च से 27 मई 2028 तक आयोजित होने वाला है। इसको लेकर तैयारिया जोरो पर चल रही है।
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दो साल बाद उज्जैन में सिंहस्थ मेला 2028
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव MP CM Mohan Yadav ने निर्देश दिए कि अनुभवी अधिकारियों के लिए यदि सेवानिवृत्त अधिकारी-कर्मचारिेयों को रखना है तो उसके लिए भी नियमानुसार कार्यवाही कर तत्काल रुप से उन्हें रखा जाए। सिंहस्थ-2028 के लिए अब रिवर्स कैलेंडर बनाकर निर्माण कार्य तीव्र गति से पूर्ण करें। वर्तमान समय से लेकर सिंहस्थ-2028 तक दो वर्षाकाल का समय आने वाला है। इसलिए समय-सीमा में काम गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा किया जाना अनिवार्य है।
Ujjain Simhastha 2028: सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें
मुख्यमंत्री CM Mohan Yadav ने विभिन्न निर्माण एजेसिंयों द्वारा किए जा रहे कार्यो की समीक्षा की, साथ ही निर्देश दिए कि जो निर्माण एजेंसियां काम कर रही है उनके संसाधनों की भी लगातार मॉनीटरिंग हो। वर्तमान समय माइक्रों मैनेजमेंट से नैनो मैनेजमेंट की ओर जाने का है। युद्ध स्तर की तैयारियां शुरु करना है। सभी अधिकारी 24 घंटे-07 दिन सक्रिय रहें। सिंहस्थ 2028 को बेहतर प्रबंधन के साथ करने के लिए उज्जैन जिले के सभी नागरिकों को जिम्मेदारी के भाव के साथ काम करने के लिए प्रेरित करें, उनको यह लगना चाहिए कि यह हमारा व्यक्तिगत काम है। इसके लिए सभी नागरिकों में जिम्मेदारी के साथ समर्पण का भाव भी पैदा करने के लिए समन्वय बनाकर कार्य करें।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सिंहस्थ-2028 के अंतर्गत प्रचलित निर्माण कार्यों की समय-समय पर मॉनीटरिंग हो। उन्होंने सिंहस्थ के संदर्भ में विभागों को समन्वयपूर्वक कार्य करने और आवश्यक सुविधाओं के विकास के लिए समय-सीमा में कार्यों को पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अधिकारियों को निर्देश
- सिंहस्थ-2028 के लिए होम स्टे, धर्मशाला, स्कूल, कॉलेज आदि में व्यवस्थाओं केलिए आधारभूत संरचना तैयार करने के लिए कार्य योजना बनाई जाए।
- उज्जैन शहर से जोड़ने वाले आसपास के गांव में होम स्टे की व्यवस्था के लिए लोगों को प्रशिक्षण भी दिया जाए। सिंहस्थ-2028 मेला क्षेत्र में आंतरिक और बाहरी व्यवस्थाओं की अलग-अलग रूपरेखा बनाएं। सिंहस्थ मेले की बाहर की व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद बनाने के लिए जरूरी है कि उसकी समस्त जगहों की मैपिंग की जाए।
- उज्जैन सिंहस्थ-2028 की तैयारी में बेहतर प्रबंधन के लिए उज्जैन में महाशिवरात्रि, श्रावण, नागपंचमी एवं अन्य त्योहारों पर व्यवस्थाओं को प्रायोगिक रूप से बनाए और उसके अनुभवों का लाभ लेते हुए सिंहस्थ के भीड प्रबंधन कार्य योजना बने।
- उज्जैन शहर से जुड़ने वाले दूसरे जिलों के वैकल्पिक मार्गों का चयन कर लें और इन मार्गों को गुगल मैपिंग के साथ उन्नयन भी कराया जाए, जिससे भीड़ प्रबंधन में इन मार्गों का उपयोग हो सके। साथ ही उज्जैन शहर के महाकाल मंदिर पहुंचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का भी चयन करें, जिससे भीड़ प्रबंधन आसानी से हो सके।
- श्री मंगलनाथ, श्री भूखीमाता रामघाट के आसपास घाटों को जोड़ने वाले मार्गों को चिन्हित कर उन्नयन करें। सिंहस्थ मेला क्षेत्र के बाहर सामाजिक सामुदायिक भवन, स्कूल, कॉलेज धर्मशाला बनाने वाली संस्थाओं को प्रोत्साहित करें।
- सिंहस्थ 2028 के लिए काम कर रही निर्माण एजेंसी जो समय पर काम पूरा करें उनको प्रोत्साहन स्वरूप व्यवस्था भी बना कर दें।
शिप्रा नदी से किसानों को सिंचाई होती रहें
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिंहस्थ 2028 के कार्यों की समीक्षा के दौरान गेहूं की फसल की सिंचाई के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिप्रा नदी पर घाट निर्माण के दौरान किसानों को पानी की उपलब्धता बनी रहनी चाहिए। इसके लिए नर्मदा जल की आपूर्ति की जाए। वतर्मान में गेहूं की फसल को सिंचाई के लिए एक पानी की और जरूरत होगी। इसके लिए शिप्रा नदी में जल प्रवाह सुनिश्चित बनाए रखे। साथ ही मुख्यमंत्री ने अपर मुख्य सचिव डॉ. राजेश राजौरा, संजय दुबे को निर्देश दिए है कि उज्जैन में सिंहस्थ 2028 के काम में किसी भी तरह की रुकावट न आए। इसके लिए मुख्यमंत्री निवास पर भी सिंहस्थ सेल गठित कर मॉनीटरिंग सुनिश्चित की जाये और जिन विभागों में अधिकारियों की कमी है, वहाँ पदस्थापना तत्काल की जाए।









