भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा को मिली हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और आत्ममंथन का दौर तेज हो गया है। एक ओर भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने चुनाव परिणाम के बाद पार्टी के अंदर हुए कथित भितरघात की ओर संकेत किया, वहीं दूसरी ओर टीकमगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की बहू उमिता राहुल सिंह की एक फेसबुक पोस्ट भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गई है।
'जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी बोलने लगें…'
उपचुनाव के नतीजे आने के बाद उमिता राहुल सिंह ने अपने फेसबुक अकाउंट पर लिखा, 'जब कार्यकर्ता की जगह अधिकारी यह कहने लगें कि हमारी पहुंच ऊपर तक है, तब परिणाम विपरीत ही आते हैं। #जमीनी_कार्यकर्ता'। हालांकि इस पोस्ट में कहीं भी दतिया उपचुनाव या किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया गया है, लेकिन चुनाव परिणाम के तुरंत बाद किए गए इस पोस्ट को सोशल मीडिया पर भाजपा की हार से जोड़कर देखा जा रहा है। पोस्ट तेजी से वायरल हो रही है और इस पर विभिन्न तरह की राजनीतिक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं।
कौन हैं उमिता राहुल सिंह?
उमिता राहुल सिंह टीकमगढ़ जिला पंचायत की निर्वाचित अध्यक्ष हैं। वह मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती के भतीजे और पूर्व राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) राहुल सिंह लोधी की पत्नी हैं। भाजपा समर्थित जनप्रतिनिधि होने के कारण उनकी सोशल मीडिया टिप्पणी को राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्वालियर चंबल के बाद बुंदेलखंड में भी आवाज का उठना पार्टी संगठन के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है।

आशुतोष तिवारी ने भी जताई नाराजगी
दतिया उपचुनाव में हार के बाद भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी ने भी संगठन के भीतर सहयोग नहीं मिलने की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मां कहने वाले कुछ लोगों ने ही ऐसा व्यवहार किया, जिससे भाजपा को नुकसान उठाना पड़ा। उनके इस बयान को पार्टी के भीतर हुए कथित भितरघात का संकेत माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं और बाहरी नेताओं के बीच तालमेल की कमी तथा जातीय समीकरणों को साधने में अपेक्षित सफलता नहीं मिलने का असर भी चुनाव परिणाम पर देखने को मिला।
घनश्याम सिंह ने दर्ज की तीसरी जीत
दतिया विधानसभा उपचुनाव की मतगणना में कांग्रेस उम्मीदवार घनश्याम सिंह ने भाजपा प्रत्याशी आशुतोष तिवारी को 6,029 मतों के अंतर से पराजित किया। इसके साथ ही घनश्याम सिंह तीसरी बार दतिया विधानसभा का प्रतिनिधित्व करेंगे। इससे पहले वे वर्ष 1993 और 2003 में भी इसी सीट से विधायक चुने जा चुके हैं।
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