डिंडोरी /खबर डिजिटल /शैलेश नामदेव/ मध्य प्रदेश के डिंडोरी में एक अनोखा अंतिम विदाई देखने को मिला.. क्या आपने कभी सोचा है कि जिस नशे ने अनगिनत परिवारों को तबाह किया, जब उसी नशे की 'अर्थी' पूरे गाजे-बाजे के साथ सड़क पर निकले तो नजारा कैसा होगा? डिंडौरी जिले में कुछ ऐसा ही अनूठा और चौंका देने वाला दृश्य देखने को मिला, जहाँ ढोल-नगाड़ों की थाप और गूंजते नारों के बीच 'नशे की शव यात्रा' निकाली गई।
जिला प्रशासन और पुलिस विभाग के इस अनोखे प्रयोग ने पूरे शहर का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। डिंडौरी कलेक्टर अंजू पवन भदोरिया और पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के मार्गदर्शन में यह आयोजन 'सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग' तथा 'पुलिस विभाग' के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया गया।
कार्यक्रम की शुरुआत में पुलिस अधीक्षक आशीष खरे ने उपस्थित अधिकारियों, कर्मचारियों और आम नागरिकों को जीवन भर नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई। इसके उपरांत, उन्होंने हरी झंडी दिखाकर इस अनूठी जागरूकता यात्रा को शहर के भ्रमण के लिए रवाना किया।

यह प्रतीकात्मक शव यात्रा जब शहर के मुख्य चौराहों और प्रमुख मार्गों से गुजरी, तो हर कोई ठहरकर देखने को मजबूर हो गया। शव यात्रा में बाकायदा बैंड-बाजे और ढोल-नगाड़े बजाए जा रहे थे। यात्रा में शामिल लोग हाथों में प्रेरक तख्तियां और स्लोगन लिए हुए थे, जो नशे के विनाशकारी दुष्परिणामों को उजागर कर रहे थे। इस अनोखे विरोध को देखकर स्थानीय नागरिकों ने भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और नशे से हमेशा के लिए दूरी बनाने का संकल्प दोहराया।
शहर के विभिन्न हिस्सों से गुजरते हुए यह जागरूकता यात्रा कलेक्ट्रेट तिराहे पर पहुंचकर समाप्त हुई। यहाँ सिगरेट, बीड़ी, तंबाकू और अन्य जानलेवा नशीले पदार्थों के प्रतीकात्मक पुतले को अग्नि के हवाले किया गया। इस दहन के माध्यम से समाज ने यह कड़ा संदेश दिया कि अब नशे के लिए समाज में कोई जगह नहीं है।
- इस दौरान उपस्थित समस्त जनसमूह ने एक स्वर में संकल्प लिया कि वे न केवल स्वयं नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने आसपास के लोगों को भी इस सामाजिक बुराई से बचाएंगे। सामाजिक बदलाव की इस अनूठी मुहिम में जिले के कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक शामिल रहे -
- जे.पी. यादव (अपर कलेक्टर)
- वैधनाथ वासनिक (डिप्टी कलेक्टर)
- विवेक कुमार गौतम (एसडीओपी बजाग)
- सतीश कुमार द्विवेदी (एसडीओपी डिंडोरी)
- श्याम सिंगौर (उपसंचालक, सामाजिक न्याय)
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- इनके अलावा जिला प्रशासन, सामाजिक न्याय विभाग और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
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- कार्यक्रम के अंत में प्रशासन की ओर से यह संदेश दोहराया गया कि एक नशामुक्त जीवन ही किसी भी स्वस्थ, सुरक्षित और समृद्ध समाज की आधारशिला होता है। यदि हर नागरिक अपनी जिम्मेदारी समझे और नशे के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद करे, तभी एक बेहतर भविष्य का निर्माण संभव है।







