उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए भारतीय जनता पार्टी ने संगठन को पूरी तरह चुनावी तैयारी में उतारने की कवायद तेज कर दी है. प्रदेश स्तर पर संगठनात्मक टीम तैयार होने के बाद अब पार्टी का फोकस जिला संगठनों को सक्रिय करने पर है. करीब आठ से नौ संगठनात्मक जिलों में जिलाध्यक्षों की नियुक्ति हो चुकी है, लेकिन उनके साथ काम करने वाली पूरी टीम का गठन अभी बाकी है. ऐसे में स्थानीय कार्यकर्ताओं को नई जिम्मेदारियों के ऐलान का इंतजार है.
इन जिलों में जल्द घोषित हो सकती है टीम
पार्टी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक हाथरस, अंबेडकर नगर, देवरिया, चंदौली और गोरखपुर महानगर समेत कुछ अन्य जिलों में जिला टीम की घोषणा जल्द की जा सकती है. बताया जा रहा है कि संभावित पदाधिकारियों के नामों पर संगठन के स्तर पर काफी विचार-विमर्श हो चुका है. अब अंतिम सहमति के बाद इन टीमों का ऐलान किया जा सकता है.
जिलाध्यक्ष बने, लेकिन पदाधिकारियों का इंतजार
भाजपा ने अलग-अलग जिलों में संगठन को मजबूत करने के लिए जिलाध्यक्षों की नियुक्ति पूरी की है. हालांकि कई जगह अध्यक्षों के चयन के बावजूद उनकी टीम सामने नहीं आई है. भाजपा का संगठन प्रदेश से लेकर क्षेत्र, जिला, मंडल और बूथ स्तर तक काम करता है. ऐसे में जिला टीम के बिना स्थानीय स्तर पर पार्टी के कार्यक्रमों और अभियानों को अपेक्षित गति देने में परेशानी आ सकती है.
पद पाने के लिए दावेदारों की सक्रियता बढ़ी
जिला टीम में शामिल होने के इच्छुक कार्यकर्ताओं ने भी अपनी सक्रियता बढ़ा दी है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से पसंदीदा नाम आगे बढ़ाए जा रहे हैं और अलग-अलग स्तर से सिफारिशों का दौर जारी है. हालांकि पार्टी के भीतर माना जा रहा है कि संभावित नामों को लेकर काफी होमवर्क पूरा हो चुका है. इसलिए अब जल्द घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है.
पुराने पदाधिकारी भी फैसले का इंतजार कर रहे
टीम गठन में देरी का असर मौजूदा पदाधिकारियों पर भी पड़ रहा है. जिन नेताओं को नई टीम में जगह नहीं मिलने की संभावना है, वे अपनी आगे की भूमिका को लेकर असमंजस में हैं. वहीं नए दावेदार भी अंतिम सूची का इंतजार कर रहे हैं. संगठन के सामने अब चुनौती जल्द फैसला लेकर कार्यकर्ताओं को स्पष्ट जिम्मेदारी देने की है.
बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की तैयारी
मिशन 2027 के तहत भाजपा जिला टीमों के साथ क्षेत्रीय संगठनों और विभिन्न मोर्चों को भी सक्रिय करने की दिशा में काम कर रही है. प्रदेश में कुल 98 संगठनात्मक जिले हैं. पार्टी की कोशिश है कि सभी स्तरों पर संगठनात्मक ढांचा जल्द पूरी तरह सक्रिय हो, ताकि चुनावी रणनीति को बूथ तक प्रभावी तरीके से पहुंचाया जा सके.
2027 के विधानसभा चुनाव से पहले मजबूत जिला संगठन भाजपा के लिए बेहद अहम माना जा रहा है. जिला, मंडल और बूथ स्तर के पदाधिकारी सक्रिय होंगे तभी पार्टी के कार्यक्रमों और चुनावी रणनीति का असर जमीन पर दिखाई देगा. यही वजह है कि लंबित जिला टीमों के गठन को लेकर पार्टी के भीतर हलचल बढ़ गई है.









