भोपाल/सुनील बंशीवाल/खबर डिजिटल/ दतिया विधानसभा उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद मध्यप्रदेश भाजपा में शुरू हुई राजनीतिक हलचल अब प्रदेश की सीमाओं से निकलकर दिल्ली तक पहुंचती दिखाई दे रही है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेता इन दिनों लगातार राष्ट्रीय नेतृत्व के संपर्क में हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार को खजुराहो सांसद और भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष वीडी शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। खास बात यह रही कि पीएम से मुलाकात से पहले वे केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी भेंट कर चुके हैं। लगातार दो शीर्ष नेताओं से उनकी मुलाकात ने प्रदेश भाजपा के भीतर चर्चाओं को और हवा दे दी है।
शिष्टाचार भेंट की कही गई बात
वीडी शर्मा ने प्रधानमंत्री से मुलाकात को महज शिष्टाचार भेंट बताया है। उनका कहना है कि बातचीत के दौरान बुंदेलखंड के विकास और केन-बेतवा लिंक परियोजना की प्रगति से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। इसके बावजूद दतिया उपचुनाव के नतीजे के बाद बनी राजनीतिक परिस्थितियों में इस मुलाकात के अलग-अलग सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। जिसके चलते आने वाले वक्त में वीडी शर्मा की बड़ी भूमिका की बात कही जा रही है।
दिल्ली में लगातार बढ़ रही प्रदेश भाजपा नेताओं की सक्रियता
दतिया में भाजपा की अप्रत्याशित हार के बाद मध्यप्रदेश के नेताओं का दिल्ली दौरा बढ़ गया है। मुख्यमंत्री से लेकर मंत्री, सांसद और संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेता लगातार केंद्रीय नेतृत्व से मुलाकात कर रहे हैं। इन बैठकों को सामान्य राजनीतिक और प्रशासनिक संवाद के तौर पर बताया जा रहा है, लेकिन दतिया के परिणाम के बाद इनकी टाइमिंग ने राजनीतिक चर्चाओं को तेज कर दिया है। भाजपा के भीतर हार की वजहों की समीक्षा के साथ संगठनात्मक स्तर पर संभावित बदलावों को लेकर भी चर्चाएं चल रही हैं। यही कारण है कि प्रदेश के नेताओं की दिल्ली में होने वाली हर महत्वपूर्ण मुलाकात को राजनीतिक नजरिए से देखा जा रहा है।
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मोहन यादव ने नितिन नवीन और बीएल संतोष से की मुलाकात
इससे एक दिन पहले मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी दिल्ली पहुंचे थे। अपने दौरे के दौरान उन्होंने केंद्रीय मंत्रियों भूपेंद्र यादव और सीआर पाटिल समेत कई नेताओं से मुलाकात की। इन बैठकों में मध्यप्रदेश से जुड़े विकास कार्यों, विभिन्न परियोजनाओं और प्रशासनिक मुद्दों पर चर्चा होने की जानकारी सामने आई।मुख्यमंत्री ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से भी मुलाकात की। इसके अलावा पार्टी के संगठन महामंत्री बीएल संतोष के साथ उनकी बैठक भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी। दतिया उपचुनाव के नतीजे के तुरंत बाद हुई इन मुलाकातों के कई मायने निकाले गए हैं।
वीडी शर्मा की मुलाकात ने बढ़ाई सियासी सरगर्मी
मुख्यमंत्री मोहन यादव के दिल्ली दौरे की चर्चाएं थमी भी नहीं थीं कि वीडी शर्मा की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की खबर सामने आ गई। शुक्रवार को पीएम मोदी से मुलाकात के बाद वीडी शर्मा ने इसे सौजन्य भेंट बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के साथ बुंदेलखंड के विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई। विशेष रूप से केन-बेतवा लिंक परियोजना की प्रगति को लेकर बातचीत हुई। वीडी शर्मा ने मुलाकात की तस्वीरें अपने एक्स हैंडल पर भी साझा कीं। लेकिन राजनीतिक तौर पर इस मुलाकात की अहमियत इसलिए बढ़ गई है क्योंकि वे इससे पहले केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मुलाकात कर चुके हैं। ऐसे में एक के बाद एक पार्टी के शीर्ष नेताओं से उनकी मुलाकात को लेकर भाजपा के भीतर और बाहर कई तरह के कयास लगाए जा रहे हैं।
क्या संगठनात्मक बदलाव की तैयारी?
दतिया उपचुनाव में भाजपा की हार के बाद प्रदेश संगठन में जवाबदेही और संभावित कार्रवाई को लेकर पहले से ही चर्चा है। ऐसे में प्रदेश के प्रमुख नेताओं की दिल्ली में सक्रियता को इसी राजनीतिक घटनाक्रम से जोड़कर देखा जा रहा है। हालांकि अभी तक भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मध्यप्रदेश संगठन में किसी बड़े बदलाव को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया गया है। वीडी शर्मा भी अपनी प्रधानमंत्री से हुई मुलाकात को विकास संबंधी चर्चा बता रहे हैं। इसके बावजूद प्रमुख नेताओं की आलाकमान से मुलाकात को आने वाले वक्त में बड़े बदलाव का संकेत माना जा रहा है।
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