खबर डिजिटल न्यूज़ /कटनी --विकास के नाम पर कटनी की धरती पर जहर घोलने का खेल धड़ल्ले से जारी है। ग्राम पंचायत सलैया (देवरीहटाई) में स्थापित ‘विनस एग्रो फ्यूल प्राइवेट लिमिटेड’ (Vinus Agro Fuel Pvt. Ltd.) अपनी मनमानी और प्रशासनिक सांठगांठ के बल पर खुलेआम पर्यावरण और जनस्वास्थ्य की धज्जियां उड़ा रहा है।
एथेनॉल उत्पादन के नाम पर कंपनी से निकलने वाला अत्यधिक जहरीला और बदबूदार "स्पेंट वॉश" ( Spent Wash ) तथा औद्योगिक कचरा सफेद मिट्टी की खुली खदानों में सीधे बहाया जा रहा है।आलम यह है कि बारिश का पानी इस जहरीले रसायन को बहाकर आसपास के खेतों, कुओं और जल स्रोतों में मिला रहा है। कंपनी के इस जानलेवा कृत्य से किसानों की उपजाऊ जमीन बंजर होने की कगार पर है और पीने का पानी पूरी तरह से जहरीला हो चुका है।
*जनसुनवाई में गरजा किसानों का गुस्सा, 4 सूत्रीय अल्टीमेटम*कंपनी की इस तानाशाही और जहरखोरी के खिलाफ अब ग्रामीणों का सब्र का बांध टूट चुका है। 21 जुलाई 2026 को पीड़ित किसानों और ग्रामीणों ने एकजुट होकर कटनी कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में धावा बोला और शिकायत दर्ज कराई (शिकायत क्रमांक: 80)। रविकान्त राय, विजय कुमार राय, सूरज प्रसाद राय, राजाराम राम, राजेन्द्र राम, प्रमोद राम और अवनी कान्त राय समेत दर्जनों ग्रामीणों ने सीधे-सीधे प्रशासन को चेताया है।*ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में मांग रखी है:
तत्काल बने संयुक्त टीम:
राजस्व, स्वास्थ्य और कृषि विभाग की संयुक्त टीम तुरंत मौके पर पहुंचे और जमीनी हकीकत देखे।
*जहरीले केमिकल का लैब टेस्ट: खदानों और प्रभावित खेतों में भरे 'स्पेंट वॉश'के सैंपल लेकर लैब भेजे जाएं।*
*कंपनी पर हो कड़ीदंडात्मक कार्रवाई*
: अगर कंपनी द्वारा 'जीरो लिक्विड डिस्चार्ज' (ZLD) के नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, तो प्रबंधन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई कर कठोर दण्ड दिया जाए।
*ज़हर बहाने पर तुरंत लगे रोक*: भविष्य में स्पेंट वॉश का इस तरह खुले में फेंकना पूरी तरह से प्रतिबंधित किया जाए और पर्यावरण नियमों का कड़ाई से पालन कराया जाए।
*'रेड कैटेगरी' का उद्योग, फिर भी जिम्मेदार मौन क्यों?*पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्पेंट वॉश पैदा करने वाले एथेनॉल और डिस्टिलरी प्लांटों को 'रेड कैटेगरी' (सबसे ज्यादा प्रदूषण फैलाने वाले) में रखा है। इसके बावजूद बिनस एग्रो फ्यूल बेखौफ होकर खुले में जहर बहा रहा है।
पूरे इलाके में ऐसी असहनीय दुर्गंध फैली है कि लोगों का जीना दूभर हो गया है, सांस और त्वचा से जुड़ी बीमारियां तेजी से फैल रही हैं।बड़ा सवाल यह है कि क्या कटनी का प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और स्थानीय प्रशासन किसी बड़े हादसे या ग्रामीणों के उग्र आंदोलन का इंतजार कर रहा है? अगर इस 'ज़हर उगलती फैक्टरी' पर तुरंत लगाम नहीं कसी गई, तो सलैया और आसपास का पूरा क्षेत्र एक बड़े पर्यावरणीय विनाश की चपेट में आ जाएगा।







