वृंदावन/खबर डिजिटल/ संत प्रेमानंद के दीक्षित शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। 25 वर्षीय दीपक मध्य प्रदेश के जबलपुर स्थित नर्मदा बस्ती फरहदुली के रहने वाले थे। बताया जा रहा है कि 25 सितंबर की सुबह करीब साढ़े 10 बजे उन्होंने श्रीराधा केलिकुंज आश्रम के पास स्थित गुरुकृपा कुंज अपार्टमेंट की चौथी मंजिल से छलांग लगा दी।
गुप्तांग काटने की घटना
बताया गया कि छत से कूदने से पहले दीपक ने टाइल्स काटने वाली ग्राइंडर मशीन से अपना गुप्तांग काट लिया था। इसके बाद अन्य साधक उन्हें हाईवे स्थित सर्वोदय अस्पताल लेकर पहुंचे। अस्पताल में चिकित्सकों ने करीब डेढ़ घंटे तक उन्हें बचाने के प्रयास किए। अधिक रक्तस्राव के कारण उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी। आईसीयू में भर्ती करने के बाद चिकित्सकों ने गुप्तांग पर पांच टांके लगाकर रक्तस्राव रोकने का प्रयास किया। गिरने के दौरान दीपक के सिर के बाईं ओर गहरा घाव हो गया था, जिस पर 14 टांके लगाए गए। इसके अलावा उनके बाएं पैर के टखने में फ्रैक्चर हुआ था। उपचार के दौरान चिकित्सकों के तमाम प्रयासों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी।
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पोस्टमार्टम में सामने आईं गंभीर चोटें
डॉ. अनुराग गुप्ता और डॉ. देवेंद्र कुशवाहा के पैनल ने करीब 40 मिनट तक पोस्टमार्टम किया। जांच में सामने आया कि ऊंचाई से गिरने के कारण दीपक के सिर और मस्तिष्क में गंभीर चोटें आई थीं। सिर में फ्रैक्चर के साथ खून का थक्का भी जम गया था। पोस्टमार्टम में उनकी बाईं ओर की छाती की चार पसलियां टूटी मिलीं। बताया गया कि टूटी हुई पसलियां फेफड़े में धंस गई थीं, जिससे बायां फेफड़ा भी क्षतिग्रस्त हो गया था।
अनैतिक कृत्य की आशंका, स्लाइड तैयार
दीपक के साथ किसी तरह के अनैतिक कृत्य की आशंका को देखते हुए चिकित्सकों ने जांच के लिए स्लाइड भी तैयार की है। पुलिस मामले की परिस्थितियों और घटनाक्रम की जांच कर रही है। वृंदावन के सीओ संदीप सिंह ने बताया कि चिकित्सकों ने दीपक के गुप्तांग पर टांके लगाकर रक्तस्राव रोकने का प्रयास किया था, लेकिन अत्यधिक खून बह जाने के कारण उनकी मृत्यु हो गई।









