पाकिस्तान में पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों ने सरकार के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. मध्य पूर्व में जारी तनाव और प्रमुख समुद्री मार्गों पर ईंधन की सप्लाई प्रभावित होने का असर अब पाकिस्तान के घरेलू ऊर्जा बाजार पर भी नजर आने लगा है. महंगे ईंधन के बीच सरकार को आम लोगों को राहत देने के साथ ही पेट्रोलियम उत्पादों की खपत कम करने के उपायों पर भी विचार करना पड़ रहा है.
16 सितंबर से पाकिस्तान में पेट्रोल की कीमत 4.10 पाकिस्तानी रुपये बढ़कर 384.34 रुपये प्रति लीटर हो गई है. वहीं हाई-स्पीड डीजल के दाम में 6.41 रुपये की बढ़ोतरी हुई है, जिसके बाद इसकी कीमत 415.83 पाकिस्तानी रुपये प्रति लीटर पहुंच गई. सरकार ने अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव को इस वृद्धि की प्रमुख वजह बताया है.
महंगे पेट्रोल से राहत के लिए फ्यूल रिलीफ स्कीम
बढ़ती कीमतों का बोझ कम करने के लिए पाकिस्तान सरकार ने फ्यूल रिलीफ स्कीम शुरू की है. इसके तहत पात्र दोपहिया और तिपहिया वाहन मालिकों को पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की राहत देने का प्रावधान है. मोटरसाइकिल और तीन पहिया वाहनों के लिए यह लाभ हर महीने अधिकतम 20 लीटर पेट्रोल तक मिलेगा.
वहीं, 800 सीसी तक की कारों के लिए 30 लीटर तक पेट्रोल पर 100 रुपये प्रति लीटर की राहत दी जाएगी. सरकार के अनुसार, योजना का लाभ केवल गैर-वाणिज्यिक वाहनों के लिए उपलब्ध है और एक व्यक्ति को एक वाहन पर ही इसका फायदा मिलेगा.
डिजिटल तरीके से मिलेगा योजना का लाभ
सरकार ने राहत योजना को डिजिटल माध्यम से लागू करने की व्यवस्था की है. इसके लिए फ्यूल पास सिस्टम का इस्तेमाल किया जा रहा है. योजना की शुरुआत पहले इस्लामाबाद से की गई थी, जिसे अब देश के अन्य हिस्सों में भी लागू किया जा रहा है.
आगे और महंगा हो सकता है ईंधन
पाकिस्तान की परेशानी मौजूदा कीमतों तक सीमित नहीं है. अगर वैश्विक स्तर पर तेल की सप्लाई में रुकावट जारी रहती है, तो आने वाले समय में ईंधन की कीमतों पर और दबाव पड़ सकता है. हॉर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब जैसे अहम समुद्री रास्तों पर गतिविधियां प्रभावित होने से कच्चे तेल और LNG की सप्लाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है.
10 सितंबर को हॉर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर सात रह गई थी, जबकि सामान्य स्थिति में रोजाना करीब 125 जहाज इस रास्ते से गुजरते हैं. सप्लाई को लेकर बनी अनिश्चितता का असर वैश्विक तेल बाजार पर भी पड़ा है और ब्रेंट क्रूड की कीमत हाल के दिनों में 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई है.
'स्मार्ट लॉकडाउन' पर अभी फैसला नहीं
ईंधन की खपत कम करने के लिए पाकिस्तान में 'स्मार्ट लॉकडाउन' जैसे उपायों की चर्चा जरूर हुई है. इनमें सप्ताह में चार दिन काम, बाजारों को जल्दी बंद करना और खर्च कम करने जैसे कदम शामिल रहे हैं. हालांकि, जलवायु परिवर्तन मंत्री मुसादिक मलिक ने कहा है कि फिलहाल स्मार्ट लॉकडाउन को लेकर कोई औपचारिक चर्चा नहीं हुई है.
सूचना मंत्री अत्ता तरार पहले संकेत दे चुके हैं कि अगर क्षेत्रीय परिस्थितियां और बिगड़ती हैं, तो सरकार दोबारा मितव्ययिता से जुड़े उपाय लागू कर सकती है.







