नाना पाटेकर हिंदी और मराठी सिनेमा के एक बेहतरीन और दिग्गज अभिनेताओं में गिने जाते हैं. उन्होंने 'अंकुश', 'वेलकम', 'क्रांतिवीर', 'तिरंगा' और 'टैक्सी नंबर 9211' जैसी कई ब्लॉकबस्टर फिल्मों में काम किया है. अपने बेमिसाल अभिनय के दम पर उन्हें 3 नेशनल अवॉर्ड्स, 2 महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार और 4 फिल्मफेयर अवॉर्ड्स से सम्मानित किया जा चुका है.
नाना पाटेकर अपनी फिटनेस को लेकर काफी सजग रहते थे, लेकिन जीवन के एक दौर में उन्हें स्मोकिंग की बेहद बुरी लत थी. 56 साल की उम्र तक वे चेन स्मोकर हुआ करते थे. एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने खुद इस बात का खुलासा किया था कि वे एक दिन में कितनी सिगरेट पीते थे और आखिरकार उन्होंने इस खतरनाक आदत को हमेशा के लिए अलविदा क्यों कह दिया.
अचानक क्यों छोड़ी स्मोकिंग?
साल 2012 में दिए एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया था कि उन्होंने 2007-08 के आसपास अचानक सिगरेट पीना छोड़ दिया था. उन्होंने बताया कि एक दिन सुबह उठते ही उन्होंने खुद से कहा कि अब और सिगरेट नहीं पीनी है और उसी पल इस लत को खत्म कर दिया.
इसके पीछे की मुख्य वजह का जिक्र करते हुए साल 2015 के एक अन्य इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि वे रोजाना करीब 60 सिगरेट पी जाते थे. उन्होंने कहा, "56 साल की उम्र तक मैं दिन में 60 सिगरेट पीता था. फिर एक दिन मैंने सब फेंक दिया. दरअसल, मेरी एक बहुत करीबी मुंहबोली बहन ने अपने इकलौते बेटे को खो दिया था. उस दौरान मैं लगातार खांस रहा था, जिसे देखकर उन्होंने दुखी होकर मुझसे कहा कि अब मुझे और क्या-क्या देखना पड़ेगा. उनकी यह बात मेरे दिल को छू गई और मैंने तुरंत स्मोकिंग छोड़ दी."
दूसरों को भी दी सिगरेट छोड़ने की सलाह
नाना पाटेकर न केवल खुद इस लत से बाहर निकले, बल्कि उन्होंने दूसरों को भी इसके प्रति सचेत किया. फिल्म 'कमाल धमाल मालामाल' की शूटिंग के दौरान उन्होंने मशहूर डायरेक्टर प्रियदर्शन को भी सिगरेट छोड़ने के लिए मनाया था. उनका मानना था कि स्मोकिंग इंसान की जान ले लेती है. इसके अलावा, अभिनेता आमिर खान के साथ एक बातचीत के दौरान भी उन्होंने शराब और सिगरेट जैसी आदतों से दूर रहने और अभिनय में अपना ध्यान लगाने की सलाह दी थी.







