गर्मी के मौसम में कार का एयर कंडीशनर सफर को आरामदायक बनाने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. तेज धूप और बढ़ते तापमान के बीच AC ही केबिन को ठंडा रखता है, लेकिन यदि इसकी समय-समय पर देखभाल न की जाए तो इसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है. कई लोग तब तक AC की सर्विस नहीं कराते जब तक कोई बड़ी समस्या सामने न आ जाए, जबकि यह आदत आगे चलकर महंगी पड़ सकती है.
सिर्फ ठंडक ही नहीं, कई और काम करता है AC
अधिकांश लोग कार के AC को केवल ठंडी हवा देने वाला सिस्टम मानते हैं, लेकिन इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है. यह केबिन के अंदर की हवा को फिल्टर करने, नमी को नियंत्रित रखने और विंडशील्ड पर धुंध जमने से रोकने में भी मदद करता है. इसी कारण AC का सही तरीके से काम करना ड्राइविंग के आराम और सुरक्षा दोनों के लिए जरूरी माना जाता है.
सर्विस नहीं कराने पर आ सकती हैं समस्याएं
यदि लंबे समय तक AC की सर्विस नहीं कराई जाती तो उसकी कूलिंग धीरे-धीरे कम होने लगती है. कई बार केबिन के अंदर अजीब सी बदबू भी आने लगती है, जो फिल्टर और वेंट्स में जमा गंदगी का संकेत हो सकती है. इसके अलावा सिस्टम पर अतिरिक्त दबाव पड़ने से कुछ महंगे पार्ट्स भी खराब हो सकते हैं, जिनकी मरम्मत में हजारों रुपये खर्च हो सकते हैं.
हवा की गुणवत्ता पर भी पड़ता है असर
कार का AC लंबे समय तक बिना सफाई और सर्विस के इस्तेमाल किया जाए तो उसके फिल्टर, डक्ट और वेंट्स में धूल, बैक्टीरिया और फंगस जमा हो सकते हैं. इसका सीधा असर केबिन के अंदर की हवा पर पड़ता है. ऐसी स्थिति में यात्रियों को एलर्जी, छींक, सांस लेने में परेशानी और अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए खराब एयर क्वालिटी परेशानी बढ़ा सकती है.
कब करानी चाहिए AC की सर्विस
विशेषज्ञों के अनुसार कार के AC की सर्विस हर 12 से 24 महीने के भीतर एक बार जरूर करानी चाहिए. हालांकि यदि वाहन का उपयोग रोजाना अधिक होता है या लंबी दूरी की यात्रा नियमित रूप से की जाती है, तो साल में एक बार सर्विस करवाना बेहतर माना जाता है. समय पर की गई सर्विस न केवल AC की कूलिंग को बेहतर बनाए रखती है, बल्कि ईंधन की बचत, बेहतर एयर क्वालिटी और महंगे रिपेयरिंग खर्च से भी बचाती है. इसलिए गर्मी शुरू होने से पहले AC की जांच और सर्विस कराना एक समझदारी भरा फैसला हो सकता है.







